विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कारागार, एटा में वृक्षारोपण तथा विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन सम्पन्न

एटा । राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ द्वारा प्राप्त एक्शन प्लान के अनुसार माननीय अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण / जनपद न्यायाधीश, एटा के निर्देशानुसार श्रीमती कामायनी दुबे, सिविल जज (सी०डि०)/प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा द्वारा आज दिनांक 05 जून 2025 को जिला कारागार, एटा में “विश्व पर्यावरण दिवस” के अवसर पर वृक्षारोपण तथा विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा द्वारा वीरेन्द्र कुमार वर्मा, कारापाल जिला कारागार, एटा के साथ पौधा रोप कर विधिक जागरूकता शिविर का शुभारम्भ किया गया, जिसमें महोदया जी के द्वारा जिला कारागार में उपस्थित समस्त बन्दियों को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण शब्द दो शब्दों परि और आवरण से मिलकर बना है, जिसमें परि का अर्थ है हमारे चारों ओर या यूं कहें कि हमारे चारों ओर क्या है। दूसरी ओर, आवरण का तात्पर्य उस चीज़ से है जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। मनुष्य और पर्यावरण एक दूसरे पर निर्भर हैं। जलवायु प्रदूषण या पेड़ों की कमी जैसे पर्यावरण का मानव शरीर और स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ता है। पेड़ों को बचाना, जलवायु प्रदूषण को रोकना, साफ़-सफ़ाई रखना जैसी अच्छी मानवीय आदतें भी पर्यावरण को प्रभावित करती हैं। जल प्रदूषण, बर्बादी जैसी मानव की आदतें, पेड़ों आदि की अत्यधिक कटाई से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जल संरक्षण एवं जीवन में पानी के महत्व को समझाया और उसके व्यर्थ होने वाले इस्तेमाल को कम किया जाये तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाये रखने में अधिक से अधिक पौधों को रोपित किया जाये, जिससे कि परिस्थितिक तंत्र में रहने वाले समस्त प्राणिओं को बचाया जा सके। माननीय प्रभारी-सचिव महोदया द्वारा कविता “वन में वृक्षों का वास रहने दो, झी- झरनों में सॉस रहने दो, वन विलक्षण विद्या है कुदरत की, इस अमानत को खास रहने दो” के माध्यम से पर्यावरण बचाने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।
इसी क्रम में प्रभारी-सचिव महोदया द्वारा जिला कारागार, एटा में निरूद्ध बन्दियों से सम्बिन्धित वादों/मुकद्दमों का जायजा लिया गया। जागरूकता शिविर के अन्तर्गत किशोर बंदियों को विधिक सहायता प्रदान करने हेतु प्रार्थना-पत्र कारागार में स्थित विधिक सेवा क्लीनिक में प्रदान करने हेतु जानकारी दी गयी, जिससे उन्हें पैरवी हेतु विधिक सेवाएँ प्रदान की जा सकें।
इस अवसर पर जिला कारागार, एटा प्रशासन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिविर हेतु सहयोग प्रदान कर शिविर को सफल बनाया गया तथा अन्य जानकारी उपलब्ध करायी गयीं तथा जिला कारागार परिसर में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था पाई गयी व सभी उचित परिधान में पाये गये।
इस अवसर पर श्रीमती शशिकला वर्मा, सत्यपाल सिंह सिसोदिया, विद्याराम गुप्ता डिप्टी जेलरगण एवं समस्त जिला कारागार, एटा के अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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