
कोतवाली नगर पुलिस का कारनामा
परशुराम शोभायात्रा के दौरान रंगेहाथ पकड़ कर इंस्पैक्टर को सोंपे जेवकट को पुलिस ने छोड़ा
पुलिस ने आठ दिन बाद भी नहीं लिखी रिपोर्ट
एटा उत्तर प्रदेश के एटा जनपद के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में मुख्यालय पर 25 मई को ब्राह्मण समाज द्वारा निकाली गई शोभायात्रा के दौरान भीड़ में शामिल हो एक जेब कट को जेब काटते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। जिससे लोगों ने 8500 रुपए मौके से बरामद कर लिए गए। इसी बीच उसका दूसरा साथी 11500 रुपए लेकर भाग गया।
पीड़ित लक्ष्मी नारायण तथा अन्य समाज के लोगों ने चोर को पकड़कर प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह को कार्रवाई हेतु सौंप दिया गया। इसी बीच यात्रा के दौरान जीटी रोड मेडिकल कॉलेज मोड पर यात्रा में शामिल धर्मेंद्र गोस्वामी नामक युवक का मोबाइल भी चोरी हो गया। जिसकी भी तुरंत जानकारी प्रभारी निरीक्षक को दी गयी। लेकिन पुलिस द्वारा दोनों घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने की जानकारी दी गई है।
शोभायात्रा के दूसरे दिन जब पीडित थाने गया तो उसे इंस्पेक्टर नहीं मिले साथ ही पता चला कि पुलिस द्वारा उक्त जेवकट को रात में ही छोड दिया गया तो इंस्पैक्टर को फोन कर उनका पता लगाने का प्रयास किया गया किन्तु उन्होंने फोन भी नहीं उठाया तभी से पीड़ित अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए चक्कर लगा रहा है न तो उसके रुपये मिले और न पुलिस ने उसकी रिपोर्ट लिखी
पीड़ित व्यक्ति लक्ष्मी नारायण ने बताया कि वह 25 मई को नगर मुख्यालय पर निकाली जा रही परशुराम जी की की शोभायात्रा में शामिल था उसी समय काली मंदिर के पास दो जेव कटों ने उसकी पेंन्ट की जेब में रखे 20 हजार रुपये निकाल लिए उसी समय मैने उसका हाथ पकड लिया उसके हाथ में से हमने 8500 रुपये उसी समय बरामद कर लिए इसी बीच मौका पाकर उसका दूसरा साथी 11500 रुपये लेकर भाग निकला। रंगे हाथ पकड़े जेव कट को वहाँ मौजूद लोगों तथा मैने पकडकर पता प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार को सोंपा दिया।
चला कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा जेवकट को उसी दिन बिना कोई कार्रवाई की छोड़ दिया जाए पुलिस की इस कार्यवाही से ब्राह्मण समाज एवं आम जनमानस में आक्रोस है।वहीं इसी शोभायात्रा के दौरान जीटी रोड मैडिकल कालेज मोड पर एक मोवाइल चोरो ने चोरी कर लिया गया। पीड़ित धर्मेन्द्र गोस्वामी ने बताया कि वह सडक किनारे लगे कैंप पर पानी पीने गया था इसी बीच उसका मोबाइल चोरी हो गया।
कोतवाली पुलिस के इस कारनामे से पुलिस को कार्यप्रणाली की पोल खुल गयी है। शोभायात्रा में मौजूद रहे अवनीश कुमार का कहना है कि जो काम (चोरो जेवकटों को पकडने का) पुलिस को करना चाहिए अगर वह जनता करके उन्हें सोंप देती है तो पुलिस उन्हें भी छोड़ देती है इससे ऐसा प्रतीत होता है यह सारा खेल पुलिस संरक्षण में ही चल रहा है? अब यह सवाल उठता है कि आखिर जिला मुख्यालय पर किसके संरक्षण में यह जेव कटी का कारोबार फल फूल रहा है। जब कार्रवाई करने वाले ही उन्हें संरक्षण दे रहे हो तो उन्हें रोकने वाला कौन है?
आपको बताते चलें सभी अधिकारियों की मौजूदगी में कोतवाली नगर मुख्यालय पर बैठे प्रभारी निरीक्षक का यह हाल है कि वह चोरी जैसी घटनाओं को नहीं लिख रहे हो तो किसी बड़ी घटना को कैसे लिखेंगे? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।
आखिर अब देखना है कि पुलिस इस जेबकट के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है या उसे खुलेआम जेब काटने के लिए छोड़ देती है भविष्य के गर्त में है आगे पता चलेगा कि जेब कट खुलेआम घूम कर अपने हाथ की सफाई दिखाते हैं या जेल की सलाखों के पीछे मिलते हैं ।
अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार सिंह ने कहा कि घटना की जांच करा कार्यवाही की जाएगी।
पीड़ित ने घटना की शिकायत मुख्य मंत्री जी से न्याय पाने के लिये की है।