
मां दुर्गा और काली का मिश्रित रूप हैं भारत माता
आपको बता दें कि मशहूर बंगाली उपन्यास ‘आनंदमठ'( 1882) ने पहली बार ‘भारत माता’ की सुंदर छवि वर्णित की थी, विकिपीडिया के मुताबिक इस उपन्यास में भारत मां को मां दुर्गा और काली के मिश्रित रूप में प्रदर्शित किया गया था।
चार भुजाओं वाली देवी के रूप में भारत माता की छवि
इसके बाद साल साल 1904 में बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट ने कलाकार अबनिंद्रनाथ टैगोर ने एक चार भुजाओं वाली देवी का चित्र बनाया था, जिसे कि उन्होंने ‘भारत माता’ नाम दिया था। इसके बाद साल 1909 में कवि सुब्रमण्यम भारती ने अपनी एक तमिल पत्रिका का कवर पर भारत माता का एक चित्र उकेरा था, जिसमें भी वो मां दुर्गा के ही रूप में प्रदर्शित की गई थीं और इसी के बाद से ही वो देश के हर पोस्टर, कैलेंडर में इस रूप में दिखने लगीं।