
एटा 10 मई 2025(सू0वि0)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ से निर्देशों के अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश महोदय श्री दिनेश चन्द की अध्यक्षता में आज दिनांक 10 मई 2025 को दीवानी न्यायालय एटा, ग्राम न्यायालय अलीगंज व कलेक्ट्र्ट तथा समस्त तहसील न्यायालयों के परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसका शुभारम्भ प्रातः 10:30 बजे माननीय जनपद न्यायाधीश एटा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा महोदय द्वारा सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर दिनेश चन्द, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा, अहमद उल्लाह खाँ, पीठासीन अधिकारी, एम०ए०सी०टी०, गोपाल उपाध्याय, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय एटा, दिनेश कुमार शर्मा-III, अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत, श्रीमती मनीषा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष सं०-1, अशोक कुमार-XIII, विशेष न्यायाधीश, वेद प्रिय आर्य, उपजिलाधिकारी/नोडल अधिकारी (प्रशासन), राम विनोद, जिला अग्रणी बैंक एटा तथा शशी भूषण कुमार शाण्डिल, निशान्त शैव्य, नरेन्द्र पाल राना, कमालुद्दीन, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा, श्रीमती सारिका गोयल, शीलवंत एवं सुधा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एटा तथा अनिल कुमार-XI, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा, विकास वर्मा, युगल चन्द्र चौधरी, श्रीमती सुरेखा, श्रीमती चारू सिंह, श्रीमती आंचल राना, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सुश्री प्रियंवदा चौधरी, रजत शाहू, अमित मणि त्रिपाठी, सिविल जज एटा, अभिषेक कुमार-II, अपर सिविल जज (जू०डि०)/किशोर न्याय बोर्ड एटा, श्रीमती तनाया गुप्ता, मोहित कुमार, सुश्री आंचल मलिक, अपर सिविल जज, योगेश उपाध्याय, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा आदि न्यायिक अधिकारीगण एवं कर्मचारीगण व सुरक्षाकर्मी आदि उपस्थित रहे।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 63466 वाद सूचीबद्ध थे, जिसमें से कुल 49,100 वादों का निस्तारण किया गया जो इस जनपद की अब तक की राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित किये गये वादों की अधिकतम संख्या है और इस जनपद के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय द्वारा कुल-15 परिवारिक मामलों का सुलह-समझौता के आधार पर निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण द्वारा कुल 85 वादों का निस्तारण किया गया व मु०-50092660/- रूपये की क्षतिपूर्ति दिलवायी गयी। स्थाई लोक अदालत एटा द्वारा कुल 02 वादों का, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष सं०-1 द्वारा कुल 01 वाद एवं 500/-रूपये जुर्माना, विशेष न्यायाधीश (एस०सी०/एस०टी०) द्वारा कुल 04वाद एवं 2000/- जुर्माना, विशेष न्यायाधीश (ई०सी०एक्ट) द्वारा कुल 442 वाद, विशेष न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो एक्सक्लूसिव एक्ट) द्वारा कुल 07 वाद एवं 5000/- जुर्माना, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जलेसर द्वारा कुल 515 एवं 11860/- जुर्माना, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 3200 मामलों का निस्तारण किया गया, न्यायिक मजिस्ट्रेट, एटा द्वारा कुल 671 मामलों का निस्तारण किया गया। अपर सिविल जज (जू०डि०), कक्ष संख्या-22 द्वारा कुल 225 मामलों, सिविल जज (जू०डि०), जलेसर द्वारा कुल 715 वाद एवं 8120/- जुर्माना कर मामलों का निस्तारण व अपर सिविल जज (जू०डि०) द्वारा कुल 209 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं चकबन्दी न्यायालयों द्वारा कुल 41138 लम्बित / प्री-लिटीगेशन वादों का निस्तारण किया गया और सभी बैंकों के द्वारा 304 मामलों का निस्तारण कर लगभग 04 करोड़ 50 लाख 54 हजार रूपये वसूले गये और मौके पर 01 करोड़ 73लाख 70हजार रूपये की ऋण वसूली कर बैंकों द्वारा लोन मामलों का निस्तारण किया गया।