
बेरोजगार युवकों को रोजगार स्थापित करने में आने वाली परेशानियों को दूर कराने में लगे प्रशासनिक अधिकारी- उपायुक्त उद्योग प्रेमकान्त
एटा– उपायुक्त उद्योग प्रेमकान्त ने बताया कि मुख्यमन्त्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत जनपद के जिन बैंक शाखाओं में ऋण स्वीकृति एवं ऋण वितरण हेतु आवेदन पत्र लम्बित है, ऐसे बैंकों की समीक्षा स्वयं जिलाधिकारी महोदय द्वारा प्रतिदिन जनपद के शाखा प्रबन्धकों के साथ गूगल मीट के माध्यम से केस-टू-केस की जा रही है वहीं कार्यालय जिला उद्योग केन्द्र स्तर से प्रेषित किये गये ऋण आवेदन पत्रों पर, ऋण वितरण हेतु आवश्यक प्रपत्र पूर्ण कराये जाने हेतु आवेदकों से सम्पर्क करने एवं शाखाओं से सम्पर्क करके अधिक से अधिक ऋण स्वीकृतियां जारी कराकर ऋण वितरण कराकर योजना के पोर्टल पर सूचना अपडेट कराये जाने हेतु जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत को लगाया गया है। अभ्यर्थी एवं बैंक शाखाओं के बीच के गैप को समाप्त करने एवं उक्त योजनान्तर्गत प्रदेश में जनपद की रैंक टॉप 10 में लाये जाने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।
सी०एम० युवा उद्यमी विकास योजनान्तर्गत 2025-26 हेतु जनपद का वार्षिक लक्ष्य 1700 लाभार्थियों को ऋण वितरण कराकर उन्हें स्वयं के रोजगार स्थापित कराकर आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दिशा में मुख्य विकास अधिकारी के दिशा निर्देशानुसार जनपद के विकास खण्ड मारहरा, शीतलपुर, सकीट, जलेसर, अवागढ़ की उपस्थिति में मुख्यमन्त्री युवा उद्यमी विकास अभियान की कार्यशालायें आयोजित कर, ग्राम प्रधानों, रोजगार सेवकों, बैंक सखियों, से अपेक्षा की जा रही है कि योजना का प्रचार-प्रसार गाँव-गाँव में किया जाये, और अधिक से अधिक पात्र नवयुवकों के ऋण आवेदन पत्र भरवाये जायें। जिला उद्योग केन्द्र स्तर से अभी तक 721 आवेदन पत्र जनपद की विभिन्न बैंक शाखाओं को अग्रसारित किये गये, जिनमें से 128 को ऋण स्वीकृति कर, 100 व्यक्तियों को ऋण वितरण किया जा चुका है। जिनमें से अधिकतर आवेदकों द्वारा आटा चक्की, आयल स्पेलर, लकडी फर्नीचर वर्क, आयरन वर्क, आटो मोबाइल रिपेरिंग, ब्यूटी पार्लर, रेडीमेड गारमेन्टस बनाना, मोबाइल रिपेरिंग सेन्टर, ब्यूटी पार्लर, हेयर सेलून, डेयरी उत्पादन बनाना, आदि परियोजनायें स्थापित की जा रही है।