
भगवान परशुराम की जयंती के इस पवित्र अवसर पर, अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के विरुद्ध उनके प्रचंड संघर्ष की याद दिलाते हुए, सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
नई दिल्ली।
आज, अक्षय तृतीया के साथ-साथ भगवान परशुराम की जयंती का यह शुभ संयोग एक विशेष महत्व रखता है। भगवान परशुराम, जिन्हें विष्णु के छठे अवतार के रूप में पूजा जाता है, न केवल एक महान योद्धा और शस्त्रों के ज्ञाता थे, बल्कि वे वेदों और शास्त्रों के भी प्रकांड पंडित थे। उनका जीवन अन्याय और बुराई के खिलाफ एक अटूट संघर्ष की गाथा है।
देश भर में आज भगवान परशुराम की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और शोभा यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है। भक्तगण भगवान परशुराम की वीरता, न्यायप्रियता और त्याग की भावना को याद कर रहे हैं।
देश गंगा घाटों और प्रमुख मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह से ही लोग गंगा स्नान कर भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना में लीन हैं। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया है।
भगवान परशुराम का जीवन हमें यह सिखाता है कि हमें हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उनकी जयंती हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देती है कि हम अपने समाज को भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसी बुराइयों से मुक्त कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
इस पावन अवसर पर, आइए हम सब मिलकर भगवान परशुराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें और एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ न्याय, शांति और सद्भाव का वास हो।
जय परशुराम!