
लखीमपुर खीरी में पत्रकार दीपक पंडित को जेल भेजे जाने का यह मामला बहुत ही चिंता का विषय है। पत्रकार दीपक पंडित को जेल भेजे जाने के मामले में पत्रकारों में भारी नाराजगी है। पत्रकार देश का चौथा स्तंभ है उसके साथ इस तरह की घटनाएं बेहद अफसोस जनक और निंदनीय है। लखीमपुर खीरी में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार या कोई पहली घटना नहीं है जानकारी के मुताबिक इससे पहले अक्टूबर 2022 में एक नगर पालिका के अध्यक्ष के सहयोगी ने एक पत्रकार के ऊपर सार्वजनिक रूप से हमला किया था। इसी वर्ष 2022 में एक पत्रकार के ऊपर पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री दिए जाने का आरोप लगा था। पत्रकार का दावा था कि पुलिस उनकी खबरों से नाराज होकर उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया है। सीतापुर में बीते दिन हुई पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की हत्या का मामला अभी तक सुलझा भी नहीं, की अन्य जिलों से भी पत्रकारों के उत्पीड़न की खबरें मिलने लगी है।