
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक बधाई,
विज़नोर,महिला को हमेशा ही सम्मान दिया गया है, लेकिन महिला का हमेशा ही अपमान भी किया गया है, वर्तमान में जो अधिकांश पुरुष की सोच महिला के प्रति है उसको बदलना होगा,
ये महिला ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी अपनी मानशिकता को बदल कर, महिला को उसके अधिकारी रूप से सम्मान देना होगा,
माँ एक शब्द नहीं बल्कि वो चरित्र है, जिसने इस दुनिया को बनाया ही नहीं, बल्कि दुनिया को वो रूप दिया,
जिसको हम अपनी भाषा में सुंदरता को प्रेम के नाम से पुकारते है। इसकी तुलना हम किसी से नहीं कर सकते,
क्योंकि खोज ही निर्मण की जननी है।
वर्तमान में हम भूल गये है कि हमारा जीवन उस माँ के परोपकार से है, जिसने हमको एक प्यारी सी पहचान के साथ एक आकर देने में अपना पूरा जीवन लगा दिया।
लेकिन हम आज कहाँ खड़े है, स्वयं आप और हम देख सकते है
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आप सभी को बहुत बहुत बधाई
दुनिया की सभी पूर्व व वर्तमान माताओं को मेरा कोटि कोटि प्रणाम सामाजिक चिंतक एड.रीता भुइयार Adv Reeta Bhuiyar