नारी शक्ति के सम्मान को प्रतिष्ठित करने बाला संग्रह है एहसासों की नर्म दूब

नारी शक्ति के सम्मान को प्रतिष्ठित करने बाला संग्रह है एहसासों की नर्म दूब

  • डॉ विशाल लक्ष्मीकांत शुक्ल, मध्य प्रदेश में महाकाल की नगरी उज्जैन में इंटरनेशनल गोल्ड मेडलिस्ट फेमस एस्ट्रोलॉजर प्रोफेसर डॉ विशाल लक्ष्मीकांत शुक्ल ने कहा है कि-उत्तर प्रदेश के सीनियर जर्नलिस्ट राजू उपाध्याय द्वारा रचित संग्रह एहसासों की नर्म दूब नारी शक्ति जो आदि शक्ति की प्रतीक है उसकी मान मर्यादा और सम्मान को प्रतिष्ठित करता है। इस किताब के रचयिता ने प्रेम और स्त्री को सम्मानजनक ढंग से शब्दांकित किया है। उन्होंने आगे कहा गागर में सागर भरके उन्होंने एहसासों/अनुभूतियों को चित्रित किया है।
    उन्होंने कहा नारी सामाजिक सरंचना/संस्कारों का केंद्रीय आधार है जिससे प्रेरित होकर हम सबका जीवन आगे बढ़ता है। संग्रह पहली नजर में प्रेम स्त्री अस्मिता को निर्मलता के साथ अभिव्यक्त करता है। संग्रह में समावेश आलेख और कविताएं सुंदर और सुघड़ है ।
    डा शुक्ल मध्य प्रदेश के जाने माने ज्योतिर्विद हैं इस विषय पर पी एच डी कर अंतराष्ट्रीय स्तर का गोल्ड मेडल हासिल किया है। कृति के रचनाकार ने अपने उज्जैन प्रवास के दौरान जब अभी हाल में वर्ल्ड बुक फेयर में लॉन्च की गई पुस्तक की प्रति डा शुक्ल को भेट की तब उन्होंने इस पर यह उत्साही प्रतिक्रिया देते हुए यह उद्वोधन दिया ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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