
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के निधन से शोक की लहर किसानों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेबाल के समर्थन में राष्ट्रपति महोदया को पत्र भेज तत्काल समाधान की मांग की
हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री तथा कृषि फार्म पुठिया की जमीन एवं फैक्ट्री को बचाते हुए पुनः संचालित करने के लिए मांग की
आपको अवगत कराना है कि आज दिनांक 27.12.2024 को अखिल भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले एटा कचहरी स्थित धरना स्थल सहित उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर पूर्व से ही किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेबाल जी के समर्थन में प्रदर्शन प्रस्तावित था चूंकि इसी बीच देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी का निधन हो गया जिससे देश में शोक की लहर दौड़ गई उक्त दुखद घटना को द्रष्टिगत रखते हुए आक्रोशित किसानों ने पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम को प्रतीकात्मक करते हुए एटा कचहरी स्थित धरना स्थल पर सर्वप्रथम मनमोहन सिंह की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी की सरकार में किसानों की संपूर्ण कर्जा माफी कर उस समय किसानों का बड़ा सहयोग किया था और किसान मजदूरों के हित में मनरेगा, सूचना का अधिकार आदि कानून एवं कई योजनाओं को संचालित किया गया था जिससे किसान मजदूरों में बड़ी ऊर्जा का संचार हुआ था इसलिए उक्त प्रधानमंत्री जी का कार्यकाल पीढ़ी दर पीढ़ी किसान मजदूरों के बीच में हमेशा याद किया जाएगा अंत में उपस्थित सभी किसानों ने सामूहिक रूप से श्रद्धांसुमन अर्पित किए।
तत्पश्चात अवगत कराया गया कि सरकारों की गलत नीतियों के कारण किसानों की पुनः दयनीय स्थिति हो गई है ऐसी स्थितियों में किसान अपने परिवार का भरण पोषण कैसे कर रहा है जिसे वही जानता है सरकारों से किसान अपनी स्थिति सुधारने के लिए निरंतर मांग कर रहा है जिससे किसानों की दयनीय स्थिति का सुधार किया जा सके लम्बे समय से किसानों को एम0 एस0 पी0 गारंटी कानून सहित स्वामीनाथन आयोग की सीटू प्लस 50 प्रतिशत रिपोर्ट के आधार पर मूल्य निर्धारित किया जाए एवं संपूर्ण कर्जा मुक्ति, बिजली का निजीकरण वापिस लेने साहित तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर विगत 32 दिनों से आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेबाल के समर्थन में महामहिम राष्ट्रपति महोदया को पत्र भेजकर किसानों की मांगों को तत्काल पूरा करते हुए किसान नेता जगदीश सिंह डल्लेबाल जी के प्राणों की रक्षा की गुहार की है।
साथ ही जिलाधिकारी एटा के नाम संबोधित पत्र में अवगत कराया गया है कि आजादी के बाद जनपद एटा में पहला उद्योग हिंदुस्तान लीवर के रूप में स्थापित हुआ था जिसका सहयोगी कृषि फार्म जी0 टी0 रोड स्थित पुठिया पर संचालित था जहां से किसान मजदूरों के लिए तमाम प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम एवं सहयोगी कार्यक्रम चलाए जाते थे हिंदुस्तान लीवर की बजह से जनपद ही नहीं आस पास के किसानों को दूध बिक्री कर उनके जीवन में आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से आ रही कठिनाइयों से बचने के लिए रास्ता निकालने का एक माध्यम बनाया गया था जिस समय दूध को बेचना किसान बिरादरी में लोग पाप समझकर हीन भावना से देखते थे उक्त फैक्ट्री के माध्यम से चलाए गए युद्धस्तर पर जागरूकता अभियान की वजह से वर्तमान समय में दुग्ध उत्पादन के साथ विक्री करना किसानों का निजी व्यवसाय के रूप में आज पशुपालन एवं दुग्ध का कारोबार फल फूल रहा है वहीं विगत कुछ समय से भूमाफियाओं की नजर उपरोक्त बेशकीमती दोनों जमीनों पर लग जाने की वजह से हिंदुस्तान लीवर फैक्ट्री को खत्म कर एवं कृषि फार्म पुठिया को खत्म कर प्लॉट एवं फ्लैट बनाए जाने का कार्य जोरों पर शुरू किया जा रहा है जिसका विरोध करते हुए जिलाधिकारी एटा से मांग की गई है कि उक्त कार्य को कठोरता से रोकते हुए उपरोक्त फैक्ट्री एवं कृषि फार्म पुनः पूर्व की भांति संचालित कराते हुए दोषियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए अन्यथा की स्थिति में किसान नौजवान मजदूर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे अग्रिम रणनीति राष्ट्रीय शोक के बाद तय की जाएगी उक्त कार्यक्रम के अंत में अपर उपजिलाधिकारी एटा को मांग पत्र सोपा।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल संघर्षी, राष्ट्रीय महासचिव तेज सिंह वर्मा – सुरेंद्र शास्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल सोलंकी, प्रदेश प्रभारी राजेश शीतलपुर, प्रदेश महासचिव रघुवीर सिंह, प्रदेश संगठनमंत्री प्रदीप अहीर, मंडल प्रभारी जदुवीर सिंह, रामनिवास वर्मा, अशोक कुमार, ओमपाल यादव, राकेश कुमार वर्मा फौजी, दयानंद यादव, दिनेश पाल सिंह, रामवीर सिंह, हरिवंश सिंह राजपूत, जोगेंद्र सिंह सहित आदि लोग उपस्थित रहे।