महिला अपराध, महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की संबंधित अधिकारियों के साथ की गयी समीक्षा

उ0 प्र0 राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्या रेनू गौड़ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालम्बन तथा जनपद में महिला अपराध, महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की संबंधित अधिकारियों के साथ की गयी समीक्षा।

महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन सर्किट हाउस में किया गया,महिला बंदीगृह एवं महिला चिकित्सालय का किया गया निरीक्षण।

एटा 24 दिसम्बर 2024 (सू0वि0)। उ0 प्र0 राज्य महिला आयोग की मा0 सदस्या रेनू गौड़ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालम्बन तथा जनपद में महिला अपराध, महिला उत्पीड़न अथवा अन्य किसी भी प्रकार से पीड़ित एवं प्रताड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा चलाये जा रहे महिला आयोग द्वारा जन सुनवाई कार्यक्रम पुलिस अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में महिलाओं की जनसुनवाई करते हुए कहा कि सरकार की मंशानुरूप महिला आयोग पूरी तरह से सजकता पूर्वक महिलाओं की सुरक्षा संरक्षण एवं अन्य किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से न्याय दिलाने हेतु संवेदनशील है आयोग द्वारा विकास के विभिन्न क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी माननीय मुख्यमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। आज आए प्रकरणों में पेंशन की शिकायतों का निस्तारण तत्काल रूप से कराया गया एवं अन्य शिकायतों के प्रकरण में संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर के तत्काल कार्यवाही हेतु निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं का गहन विश्लेषण कर अन्य संबंधित अधिकारियों के सहयोग से उचित कार्यवाही कर उसका समाधान कराया जा रहा है, महिला जनसुनवाई के दौरान मा0 आयोग की सदस्या द्वारा महिलाओं से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में प्रगति की जानकारी भी प्रदान की।
उन्होंने कहा कि सभी महिलाए अपने अधिकारों एवं दायित्वो के प्रति सजग रहें। तदोपरांत उनके द्वारा महिला बंदीगृह जिला कारागार एवं महिला चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया गया।
महिला बंदी गृह से मा0 सदस्य महोदया द्वारा महिला बंदियों द्वारा बनाए गए बैग एवं अन्य सामग्रियों का क्रय कर, बंदियों को उपहार भेंट किए गए एवं उनको हस्तकलाओं के लिए प्रेरित किया गया।
महिला चिकत्सालय के निरीक्षण के दौरान मा सदस्य महोदया एवं अन्य अधिकारी जन लगभग 20 मिनट तक लिफ्ट में फसे रहे, लिफ्ट में कोई भी इमरजेंसी नंबर नहीं था एवं इमरजेंसी बेल बजाने के बाद भी 20 मिनट तक कोई सुनवाई नहीं हुई। मा सदस्य महोदया द्वारा लिफ्ट में एक अटेंडेंट रखने हेतु हिदायत दी गई। जिसके पश्चात् सदस्य महोदया द्वारा शांति नगर में चर्चित यूपी सिंह कोचिंग सेंटर पर जा कर बालक एवं बालिकाओं से वार्ता की गई।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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