
6 साल से गुजरात की राजकोट जेल में बंद पूर्व IPS अधिकारी संजीव भट्ट को अदालत ने उस मामलें में बरी कर दिया है जिसमें उन्हें उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई थी, आपको पढ़ना मुश्किल लग सकता है लेकिन सच ये है कि संजीव भट्ट को उस सच को बोलने की सज़ा दी जा रही है जिस पर पर्दे डाल दिये गये दीवार खड़ी कर दी गई,भट्ट ने गुजरात के 2002 के दंगों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका बताते हुए अदालत में हलफनामा दायर किया था जिसके बाद उन पर कार्रवाईयों का सिलसिला शुरू हो गया और उन्हें बर्खास्तगी का सामना करना पड़ा, 2019 में उन्हें हिरासत में एक युवक की यातना के बाद मौत के मामलें में दोषी ठहराते हुए उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई थी लेकिन अब उन्हें इस मामलें में बरी कर दिया गया है, वह अभी जेल में ही रहेंगे क्योंकि पर्दादारों ने उन्हें अन्य 2 मामलों में भी सज़ा सुनाई हुई है!
संजीव भट्ट के परिवार के साथ पूरा देश है और वह आपके दुआएं करता है कि जल्द आप सभी को राहतें हासिल हो!