भारत सरकार की एग्रीस्टैक परियोजना अन्तर्गत  प्रत्येक किसान की फार्मर रजिस्ट्री होगी तैयार

 

फार्मर रजिस्ट्री न कराये जाने की दशा में, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का लाभ नही मिलेगा

बरेली ::  मुख्य विकास अधिकारी जग प्रवेश ने बताया कि शासनादेश द्वारा भारत सरकार की एग्रीस्टैक परियोजना अन्तर्गत प्रत्येक राजस्व ग्राम के प्रत्येक किसान को सम्मिलित करते हुये मोबाइल एप के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री तैयार किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उक्त कार्यक्रम 31.12.2024 तक शत प्रतिशत पूर्ण कर लिये जाने हेतु 02 प्रतीकात्मक चरणों मे इसे क्रियान्वयित किये जाने के निर्देश दिये गये है।

उक्त योजना के संचालन से कृषकों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादन की खरीद, राज्य के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद के अनुमान, किसानों को संस्थागत खरीदारों से जोड़ने का अवसर, कृषि इनपुट सप्लायर के साथ कृषकों को जोड़ने का अवसर, कृषकों को फसली ऋण एंव फसल बीमा की क्षतिपूर्ति तथा आपदा राहत प्राप्त करने में सुगमता, कृषको को समय से वांंछत परामर्श विभिन्न संस्थाओं द्वारा कृषकों से सम्पर्क के अवसर में वृद्वि के साथ-साथ नवोन्मेशी कार्यक्रमों के विस्तार में सफलता, फार्मर रजिस्टी्र का प्रयोग कृषि के साथ-साथ अन्य सम्बन्धित विभाग जिसमें गन्ना ,उद्यान ,मत्स्य, खाद्य एवं विपणन आदि के द्वारा अपनी योजनओं का लाभ प्रदान करने हेतु किया जा सकेगा तथा न्यून्तम सर्मथन मूल्य पर कृषि उत्पाद के विपणन में सुगमता, पी0एम0किसान योजना के अन्तर्गत किस्त प्राप्त करने हेतु अनिवार्यता की शर्त को पूर्ण कर लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी।

एग्रीस्टैग एक डिजीटल इन्फ्रास्ट्रक्चर है जिसकी स्थापना की प्रारम्भिक चरण में अभिलेखों के डायनलामिक लिंकिंग के साथ किसानों का डेटाबेस किसान की रजिस्ट्री ग्राममानचित्र यह तीन बुनियादी रजिस्ट्री सम्मिलित है।
प्रदेश में भूलेख के अनुसार जिओ डिजिटलाइजेशन एंव अंश निर्घारण का कार्य राजस्व परिषद द्वारा कराया जा रहा है। नेशनल रिमोट सेनि्ंसग सेन्टर के माध्यम से प्रदेश में 90 प्रतिशत से अधिक ग्रामपंचायतों मे नक्शा तैयार कर लिया गया है।
फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने हेतु फार्मर रजिस्ट्री कैम्प मोड में कृषि/पंचायत एंव लेखपाल के द्वारा प्रत्येक ग्राम में कैम्प लगाकर तैयार की जायेगी, कृषि तकनीकी सहायक ए0टी0एम0/बी0टी0एम0 आदि द्वारा प्रथम स्तर पर ई0के0वाई0सी0 आधार बेस्ड ओ0टी0पी0 के माध्यम से की जायेगी, ई0के0वाई0सी0 करने के बाद लेखपाल द्वारा भूलेख पोर्टल पर अकिंत विवरण अनुसार भूमि का सत्यापन किया जायेगा

फार्मर रजिस्ट्री हेतु कृषकों के द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले आवश्यक अभिलेखों में आधार कार्ड, खतौनी की छायाप्रति, आधार पर पंजीकृत मोबाइल होना आवश्यक है। लेखपाल द्वारा भूमि सत्यापित करने के कुछ समय बाद फार्मर रजिस्ट्री तैयार होकर एक फार्मर रजिस्ट्री आई0डी0 जनरेट होगी,जो कि कृषक के पंजीकृत मोबाइल पर एस0एम0एस0 के माध्यम से प्राप्त हो जायेगी। कृषक की भूमि की अस्वीकृति की दशा में कृषक को पोर्टल पर पहले भूमि सही करानी होगी,उसके बाद फार्मर रजिस्ट्री हेतु कृषक द्वारा पुनः आवदेन किया जा सकेगा। कृषक द्वारा फार्मर रजिस्ट्री न कराये जाने की दशा में उसको आगामी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत अगली किस्त का लाभ नही मिलेगा

जनपद में फार्मर रजिस्ट्री हेतु ग्रामवार कृषि विभाग के कर्मचारी एंव राजस्व विभाग के लेखपाल द्वारा कैम्प आयोजित किये जा रहे है। जो कि आगामी कार्यक्रम 31.12.2024 तक आयोजित होगें ।।

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पं.सत्यम शर्मा

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