वाहन स्वामियों जिन पर कर अतिरिक्त कर अत्यधिक समय से बकाया जरूरी सुचना

एटा, प्रमुख सचिव परिवहन अनुभाग-4 उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा दिये गये आदेशानुसार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) सतेन्द्र कुमार ने समस्त ऐसे वाहन स्वामियों जिन पर कर अतिरिक्त कर अत्यधिक समय से बकाया चल रहा है को सूचित किया जाता है।
उन्होनें बताया है कि उत्तर प्रदेश मोटर कराधान अधिनियम, 1997 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 21 सन् 1997) की धारा 3 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करके, राज्यपाल इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से पूर्व तक रजिस्ट्रीकृत परिवहन यानों पर संदेय कर के विलम्ब संदाय हेतु शास्ति के संदाय से इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से 03 माह की अवधि के लिये निबंधन और शर्तों पर छूट प्रदान करते हैं।
परिवहन यानों के ऐसे समस्त स्वामी अथवा उनके विधिक वारिस, जिनके मामले विभिन्न न्यायालयों के समक्ष लम्बित हों। परन्तु यह कि, इस सुविधा के लाभ हेतु निम्नलिखित यान पात्र नहीं होंगेः (क) अधिसूचना निर्गत होने के दिनांक को या उसके पश्चात रजिस्ट्रीकृत समस्त प्रकार के परिवहन यान। (ख) समस्त प्रकार के अरजिस्ट्रीकृत परिवहन यान, जिन पर अधिसूचना के दिनांक के पूर्व तक बकाया कर संदेय हो एवं लम्बित बकाया जमा न हो। परिवहन यानों के ऐसे समस्त स्वामी अथवा उनके विधिक वारिस, जिनके कर/शास्ति के विरूद्ध अपील/पुनरीक्षण, उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) अथवा उप परिवहन आयुक्त (यात्रीकर) के समक्ष लम्बित हों। उन्हें वाद प्रत्याहत करने के लिये, यथास्थिति सम्बन्धित न्यायालयों/उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र)/उप परिवहन आयुक्त (यात्रीकर) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा। ऐसे परिवहन यानों के स्वामी या वित्त पोषक, जिन पर मोटरयान अधिनियम, 1988 (अधिनियम संख्या 59 सन् 1988) की धारा 51 के अधीन कब्जा कर लिया गया हो। परिवहन यानों के समस्त स्वामी अथवा उनके विधिक वारिस, जिनके विरूद्ध इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक तक कर एवं शास्ति हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी किया गया हो, भी इस अधिसूचना के अधीन पात्र होंगे। यान स्वामी अथवा उसके विधिक वारिस को विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन)/कराधान अधिकारी को तिपहिया एवं हल्के मोटर यानों (7500 कि०ग्रा० सकल यान भार तक) के मामले में आवेदन शुल्क के रूप में 200/- रूपये की धनराशि एवं अवशेष यानों हेतु आवेदन शुल्क के रूप में 500/- रूपये की धनराशि सहित आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से अधिसूचना के प्रभावी होने के दिनांक तक किया जायेगा। कोई आवेदन उपरोक्त शर्त संख्या-7 में यथाविनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात स्वीकार नहीं किया जायेगा। यह अधिसूचना परिवहन विभाग की वेवसाइट http://uptransport.upsdc.gov.in/en/us/ पर तथा साथ ही साथ प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित की जायेगी। इस छूट से सम्बन्धित कोई सूचना यान स्वामियों को पृथकतः नहीं दी जायेगी। 10. इस अधिसूचना के गजट में प्रकाशित किये जाने के दिनांक से पूर्व किसी परिवहन यान के विरूद्ध जमा कर एवं शस्तियों प्रतिदेय नहीं होगी। स्वामी, यानों पर बकाया देय करों की कुल धनराशि श्एकमुश्त जमा करेगा। कोई यान, जो अस्तित्व में न हो, का कर यान के अस्तित्व में होने तक जमा किया जायेगा और यदि यह साबित हो जाता है कि उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान नियमावली, 1998 के नियम-22 क में उल्लिखित प्रक्रिया के अनुसार यान अस्तित्व में नहीं है तो कर का अपलिखित (बट्टे खाते में डालना) एवं यान रजिस्ट्रीकरण का रद्दकरण नियमावली के अनुसार किया जायेगा। आवेदक / लाभार्थी को सम्बन्धित जिला के सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) / कराधान अधिकारी को परिवहन विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन प्रस्तुत करना होगा। सम्बन्धित सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) / कराधान अधिकारी शासकीय अभिलेख के आधार पर आवेदन का परीक्षण करने के पश्चात इस अधिसूचना के अधीन अनुवर्ती कार्यवाही सुनिश्चित करेगा।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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