खाद की दुकानों पर छापेमारी लगातार जारी

जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद की तीनों तहसील क्षेत्र में खाद की दुकानों पर छापेमारी लगातार जारी

कृषकों को खतौनी के आधार पर ही पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें

किसान भाइयों को समय से खाद मिलनी चाहिए, ओवर रेट पर खाद बिक्री करने वाली दुकानों पर की जाए सख्त कार्यवाही-डीएम

एटा,  जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने सूचित किया है की शासन द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में जनपद में किसान भाइयों को समय से खाद उपलब्ध कराना अति आवश्यक है। इसके लिए जनपद की तीनों तहसील क्षेत्र में खाद की दुकानों पर प्रशासन एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर दुकानों का निरीक्षण लगातार किया जा रहा है, जिससे कि किसानों को समय से खाद मिल सके। डीएम ने सख्त निर्देश दिए कि खाद की दुकान पर निर्धारित रेट से अधिक मूल्य पर बिक्री करने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। जनपद में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, खाद की किसी भी प्रकार की कोई कमी जनपद में नहीं है।

जनपद में उर्वरकों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने हेतु शासन स्तर से अपर कृषि निदेशक गेहूं, मोटा अनाज जगदीश कुमार की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया था। टीम द्वारा जनपद में सहकारिता, पीसीएफ,थोक विक्रेताओ और फुटकर विक्रेताओं की प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार तथा जिला प्रबंधक पीएससी जयप्रकाश वर्मा साथ में रहे।

टीम द्वारा सर्वप्रथम कासगंज रोड पर राजपूत खाद भंडार का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया कि उनके द्वारा भंडार किए गए उर्वरकों के गोदाम की चौहद्दी मानक अनुसार सही नहीं पाई गई, साथ ही अभिलेखों का रख रखाव, ठीक से न होने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। न्यू वर्मा बीज भंडार कासगंज रोड एटा के अभिलेख अपूर्ण एवं रेट सूची न लगा होने के कारण उनके भी प्रतिष्ठा का लाइसेंस निलंबित किया गया, तो वहीं पीएससी भंडार निधौली कला का के द्वारा निरीक्षण किया गया निरीक्षण में खाद पर्याप्त मात्रा में भंडार गृह में पाई गई साथ ही प्रबंध को निर्देश दिए गए कि किसानों को तत्काल समितियो के माध्यम से उपलब्ध कराई जाए, मौके पर ट्रक के माध्यम से समितियों को खाद पहुंचाई जा रही थी।

इसके अतिरिक्त 04 केंद्रों का और निरीक्षण किया गया, साथ ही सभी समितियों के सचिवों और विक्रेता को निर्देशित किया गया कि खाद को तत्काल किसानों को निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराए और सभी आवश्यक अभिलेख को व्यवस्थित रखें। कृषकों को खतौनी के आधार पर ही पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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