ओयल मोतीपुर पैलिएटिव केयर लाइलाज बीमारियों में देखभाल का एक महत्वपूर्ण भाग- सीएमएस

लखीमपुर खीरी के पैलिएटिव केयर अंतिम समय में मरीजों को देती है बड़ी राहत
ओयल मोतीपुर ऐसे मरीज जिन्हें जीवन के अंतिम पड़ाव पर बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता होती है, जो ऐसी बीमारियों से पीड़ित होते हैं जिनका इलाज या तो संभव नहीं है या तो इस उम्र में हो नहीं सकता! ऐसे मरीजों को उनके अंतिम समय में होने वाली असहनीय पीड़ा को कम करने और उचित देखभाल के लिए उन्हें पैलिएटिव केयर दी जाती है। इसके प्रचार प्रसार और जन जागरूकता के लिए वर्ल्ड हॉस्पिक एंड पैलिएटिव केयर डे (विश्व आश्रय एवं प्रशामक देखभाल दिवस) 12 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस अवसर पर जिला चिकित्सालय मोतीपुर ओयल में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन सीएमएस डॉ आरके कोली की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें पैलिएटिव केयर संबंधी महत्वपूर्ण विषय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने स्वास्थ्य कर्मियों को जानकारी दी।
जिरियाट्रिक फिजिशियन और पैलिएटिव केयर के जिला चिकित्सालय के नोडल डॉ शिखर बाजपेई ने बताया कि इन सालों में पैलिएटिव केयर द्वारा मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ। लाइलाज एवं जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली बीमारियों जैसे कैंसर, लकवा, तंत्रिका तंत्र, हृदय, किडनी, सांस बीमारियों में पैलिएटिव केयर ने मरीजों को ठीक करने में काफी योगदान दिया है।

सीएमएस डॉ आरके कोली ने कहा कि विश्व में हर साल 60 मिलियन लोगों को पैलिएटिव केयर की आवश्यकता होती है। लेकिन जानकारी के अभाव में 2 प्रतिशत मरीजों को ही इसकी सुविधा मिल पाती है। शरीर में जिस तरह से दर्द व असहनीय पीड़ा से कई मरीजों की केवल उपचार के अभाव में मौत हो जाती हैै। आमजन में पैलिएटिव केयर की जागरूकता बढ़ाने व विभिन्न समुदायों में जनजागरुकता लाने के लिए हर साल 12 अक्टूबर को वर्ल्ड पैलिएटिव केयर डे मनाया जाता है। कार्यक्रम में विश्व तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य कर्मियों को तंबाकू छोड़ने और तंबाकू से होने वाले नुकसानों के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने की शपथ भी दिलाई गई।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आरपी वर्मा ने बताया कि दस साल पहले डब्ल्यूएचओ ने मरीजों की व्यापक देखभाल के लिए पैलिएटिव केयर एवं पीड़ा से राहत को शामिल किया गया। इसे स्वास्थ्य का अभिन्न अंग माना गया। इन सालों में पैलिएटिव केयर द्वारा मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ। डॉ रोहित पाठक ने बताया कि लाइलाज एवं जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली बीमारियों जैसे कैंसर, लकवा, तंत्रिका तंत्र, हृदय, किडनी, सांस बीमारियों, सीजोफ्रेनिया में पैलिएटिव केयर ने मरीजों को ठीक करने में काफी योगदान दिया है। इस दौरान डॉ अखिलेश शुक्ला, डॉ राकेश गुप्ता व एफएलसी विजय वर्मा ने भी अपने विचार रखें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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