
एटा-उपनिरीक्षक बीमार चल रहे है, अधिकारियों को कर्मचारियों के अधिकार को अन्देखी नही करनी चाहिए, सरकारी मशीनरी में भर्ती होने का मतलब ये नही है, हाड़ मांस आदमी में नही रहे है, और केवल आदमी मशीन बन कर रह जाए,
पुलिस कर्मियों को भी मानवीय संवेदना से परे नही कर सकते है, मानते हैं डीजीपी मुख्यालय से आदेश जारी हुआ है छुट्टी रद्द कर दी है, लेकिन जब मांस हाड़ का शरीर ही नही रहेगा तो कर्मचारी ड्यूटी क्या करेंगा,
अतः एटा जनपद बासिन्दो की एटा पुलिस मुखिया से गुजारिश है, इन्द्रपुरी पुलिस चौकी प्रभारी विजेन्द्र सिंह को अच्छा इलाज कराने के लिए छुट्टी देकर मानवीय संवेदना देने की कीर्ति की अलख जगाने की जरूरत है