
एटा,राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देश के अनुपालन एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा में स्थापित मध्यस्थता केन्द्र में दिनांक 21.09.2024 को न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कक्ष सं०-18, एटा से प्राप्त पारिवारिक वाद से सम्बन्धित पत्रावली विट्टन देवी पत्नी हरिओम, निवासी-नगला भूड, थाना जैथरा, एटा बनाम् हरिओम पुत्र गिरन्दसिंह, निवासी-ग्राम झकरई, थाना-अलीगंज, एटा, अन्तर्गत धारा-85, 115, 352, 351(2) B.N.S. & 3/4 D.P.Act थाना-अलीगंज, एटा में मध्यस्थ एम०पी० शर्मा के साथ कमालुद्दीन, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के द्वारा दोनों पक्षकारों को एक साथ बैठाकर मीडिएशन कराया गया, जिसके परिणाम स्वरूप दोनों पक्षकारों ने साथ-साथ रहने की सहमति व्यक्त की और आजीवन साथ रहने को तैयार हुए। अपर जिला जज/सचिव महोदय द्वारा भी दोनों दम्पतियों समझाया गया कि आपसी मतभेद भुलाकर अपने बहुमूल्य जीवन का हसी-खुशी निर्वहन करें तथा यह भी बताया कि आपने अपने आपसी मतभेद को भुलाकर समझौता कर मानव समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है।
इसी के साथ दम्पत्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा से ही परिवारियों के साथ ससम्मान विदा होने की अनुमति ली तथा भविष्य में इस प्रकार की कोई भूल दोबारा न हो इसका भी प्रण लिया।