आज हिन्दी के सुप्रसिद्ध कथाकार अमृतलाल नागर जी की जयंती है । 17 अगस्त,1916 को आगरा में जन्मे नागर जी का निधन 23 फरवरी 1990 को लखनऊ में हुआ।वे 40वें दशक से प्रगतिशील लेखक संघ,और IPTA से जुड़े रहे।

नागर जी ने नाटक, रेडियोनाटक, रिपोर्ताज, निबन्ध, संस्मरण, अनुवाद, बाल साहित्य आदि की समृद्धि में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने 1953 में लखनऊ में प्रेमचंद की कहानी “ईदगाह” नाटक का निर्देशन किया था।नाट्य रूपांतरण रजिया सज्जाद ज़हीर ने किया था।नाटक पर जिला प्रशासन ने ड्रामेटिक परफॉर्मेंसेस एक्ट 1876 के तहत पाबंदी लगाई गई थी,लेकिन IPTA लखनऊ ने नाटक खेला और उच्च न्यायालय तक कानूनी लड़ाई लड़ कर इस कानून को रद्द कराया। इसमें हामिद की भूमिका की थी, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के भूतपूर्व न्यायाधीश हैदर अब्बास रज़ा ने।इस प्रकरण पर उत्तर प्रदेश मासिक पत्रिका के “अमृत लाल नागर विशेषांक”में प्रकाशित आलेख के साथ उन्हें नमन।