पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती दरकिनार या पिक्चर अभी बाकी है?


!!.भाजपा में केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लोकसभा संग्राम से किया बाहर.!!

पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पहले ही बोला था कि वह 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। भाजपा से जारी सूची में उमा भारती का नाम नहीं है। इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या उमा भारती को बीजेपी ने दरकिनार कर दिया है? इसके कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि उमा भारती जिन सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ती आयी हैं उन तीनों ही सीटों (झांसी, भोपाल, खजुराहो) पर
उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है एल मध्य प्रदेश से दो बड़े नाम भी शामिल हैं, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लेकिन 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ने का दावा कर चुकीं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम ही नहीं है। भाजपा ने राज्य की 5 सीटों को अभी होल्ड पर क्यों रखा है?
शिवराज सिंह चौहान
एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी ने विदिशा से उम्मीदवार बनाया है। शिवराज सीएम बनने से पहले इसी सीट से पांच बार सांसद रह चुके हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी ने यह सीट उनको सौंपी थी और जब वह मुख्यमंत्री बने तो यहां से सुषमा स्वराज को टिकट दिया। अब पूरे 20 साल बाद शिवराज एक बार फिर विदिशा से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे। उनको टिकट देकर बीजेपी ने बता दिया है कि अब उनकी जरूरत दिल्ली में है। शिवराज का जन्म भी जैत गांव में हुआ है, जो इसी लोकसभा सीट का हिस्सा है।
उमा दरकिनार या पिक्चर अभी बाकी है ?
पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पहले ही बोला था कि वह 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा था, ‘मैंने 2019 में 5 साल लिए ब्रेक लिया था और अब 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ूंगी । मुझे कोई किनारे नहीं लगा सकता’. पर बीजेपी की सूची में उमा भारती का नाम नहीं है। इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि क्या उमा भारती को बीजेपी ने दरकिनार कर दिया है?
इसके कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि उमा भारती जिन सीटों से लोकसभा चुनाव लड़ती आयी हैं उन तीनों ही सीटों (झांसी, भोपाल, खजुराहो) पर बीजेपी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है. अब एमपी की 5 सीटें होल्ड पर हैं तो सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या उमा भारती को बीजेपी इनमें से किसी सीट से उम्मीदवार बनाती है या उनके राजनितिक भविष्य पर ब्रेक लगाती है.
केपी यादव और साध्वी प्रज्ञा का टिकट क्यों कटा ?
2019 के लोकसभा चुनाव में गुना सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया को पटखनी देने वाले केपी यादव का टिकट काट दिया गया है। जाहिर है सिंधिया की गुना से चुनाव लड़ने की इच्छा का ध्यान रखते हुए बीजेपी ने उनको हराने वाले केपी यादव को साइडलाइन कर दिया है।
साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर
2019 के लोकसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह को साढ़े तीन लाख से भी ज्यादा वोटों से हराने वालीं साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का टिकट बीजेपी ने काट दिया है । माना जा रहा है कि उनके दिए बयानों की वजह से पीएम मोदी ने जो नाराजगी जताई थी उसका खामियाजा उन्हें टिकट गंवाकर उठाना पड़ा है। पीएम मोदी ने तब कहा था कि वह दिल से कभी उन्हें माफ नहीं करेगे। हालांकि टिकट कटने के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि संगठन और पार्टी को जहां और जैसे उनकी जरूरत होगी वह उपलब्ध रहेंगी और बीजेपी को वह नहीं छोड़ेंगी ।
विधानसभा चुनाव हारने वाले सांसदों को टिकट
हाल ही में विधानसभा चुनाव हारने वाले सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और गणेश सिंह को बीजेपी ने फिर लोकसभा का टिकट दिया है। आपके मन में सवाल उठा होगा कि 3 महीने पहले ही चुनाव हारने के बावजूद इन्हे टिकट क्यों मिला ? तो आपको बता दें कि जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हुए इन्हे लोकसभा का टिकट दिया गया है। मंडला से उम्मीदवार फग्गन सिंह कुलस्ते सूबे के बडे़ आदिवासी नेता हैं, जबकि सतना से उम्मीदवार गणेश सिंह कुर्मी समाज से आते हैं। बीजेपी एमपी में बड़ी ओबीसी आबादी को गणेश सिंह का टिकट काटकर निराश नहीं करना चाहती। वैसे भी सतना लोकसभा सीट पर कुर्मी वोटर निर्णायक भूमिका में हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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