
एटा,-बुधवार को कोयला लेकर पहली मालगाड़ी जवाहर तापीय विद्युत परियोजना के कोल यार्ड पहुंची। कोयले से भरी मालगाड़ी को थर्मल पावर प्लांट तक पहुंचने में पांच घंटे का समय लगा। जबकि स्टेशन से कुछ ही दूर आगे चढ़ाई पर रेल का इंजन कोयले से भरे वैगनों नहीं खींच पाया। इससे मालगाड़ी कई घंटे तक खड़ी रही।
बिहार के धनबाद से कोयला लेकर पहली इलेक्ट्रिक इंजन चलित मालगाड़ी बुधवार को सुबह 09 बजे एटा रेलवे स्टेशन पहुंची। स्टेशन पहुंचने के बाद कुल 59 वैगन की 750 मीटर लंबी मालगाड़ी से इलेक्ट्रिक इंजन को अलग किया गया और थर्मल पावर प्लांट के निजी डीजल इंजन डब्लूडीजी-3ए से जोड़ कर 11 बजकर 45 मिनट पर जवाहर तापीय परियोजना के लिए रवाना किया गया। स्टेशन से कुछ ही दूर पहुंचने के बाद आमंपुर रोड पर बने ब्रिज से पहले ही चढ़ाई पर इंजन के पहिए स्लिप करने लगे। लोड अधिक होने के कारण इंजन सहित मालगाड़ी कई मीटर तक पीछे की ओर चली गई, जिसे देख लोको पायलेट ने गाड़ी को रोक दिया। इसकी सूचना पाकर जवाहर तापीय विद्युत परियोजना के अधिकारी एवं रेल ट्रैक निर्माण कार्यदायी राइट्स के अधिकारी मौके पहुंच गए। उन्होंने पावर प्लांट में खड़े दूसरे इंजन को बुलवाया, जो कि दो घंटे बाद आ सका। दोनों इंजन को जुड़ने के बाद भी मालगाड़ी को रफ्तार नहीं मिल सकी। कुल 24.4 किमी लंबे रेल ट्रैक को पार करने में मालागड़ी लगभग पांच घंटे का समय लगा।