दलित-मुस्लिम साथ आएंगे
कांग्रेस का राज लाएंगे,:- सैयद मुनीर अकबर
आज़ दिनांक 31-01-2024 को उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद मुनीर अकबर ने बताया जनाब शाहनवाज आलम* प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक कांग्रेस के दिशा निर्देशनानुसार कि टारगेट 41 अभियान 2 फरवरी 2024 से 12 फरवरी 2024 तक प्रदेश भर में चलाया जाएगा ।अभियान का शुभारंभ प्रभारी महासचिव, सचिव की उपस्थिति में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से किया जाएगा ।
अभियान के दौरान प्रतिदिन भारत रत्न बाबा भीमराव अंबेडकर के चित्र पर फूल माला अर्पण करअभियान का शुभारंभ किया जायेगा।
दलित मौहल्लो और बस्तियों में बैनर लगाकर पर्चा वितरित किया जाएगा।
दलित बस्तियों में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया जाएगा ।
इस अभियान के लिये
जय जवाहर, जय भीम
भाजपा भगाओ, संविधान बचाओ
नारा उद्घोषित किया जायेगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद मुनीर अकबर ने बताया अभियान के अंतिम दिन 12 फरवरी2024 को 25 दलित मुस्लिम लोगों को सर्टिफिकेट तथा माला पहनकर सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश उपाध्यक्ष सैयद मुनीर अकबर ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम 20 प्रतिशत हैं और दलित 21 प्रतिशत। जो कुल मिलाकर 41 प्रतिशत है।
2014 में भाजपा को 31 प्रतिशत और 2019 में 37 प्रतिशत वोट मिला था। यानी सिर्फ़ मुस्लिम और दलित साथ आ जाएं तो भाजपा बुरी तरह हार जाएगी। इनके कांग्रेस में आते ही अन्य जातियाँ भी साथ आ जायेंगी।
1989 तक मुसलमान और दलित एक साथ कांग्रेस को वोट करते थे तब तक पूरे देश में भाजपा के सिर्फ़ 2 सांसद होते थे।
सरकार बनाने के लिए 272 सीटें चाहिएं। 2019 में भाजपा को 303 सीटें मिली थीं। उसके घटक दलों को 50 सीटें मिली थीं। ये घटक दल बहुमत के क़रीब पहुँचने वाली किसी पार्टी के साथ चले जाते हैं। शिव सेना अब भाजपा को छोड़कर इंडिया गठबंधन में आ गयी है।
यानी भाजपा अगर 30 सीटें भी हारती है तो उसकी सरकार नहीं बन पाएगी। महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिल नाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में कुल 180 सीटें हैं और भाजपा यहां 20 सीट के अंदर निपटने जा रही है।
इन राज्यों के मुसलमान और दलित एक तरफा कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के साथ हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बने राम मन्दिर का श्रेय लेने की भाजपा की कोशिश नाकाम हो गयी है। इसीलिए भाजपा को नितीश कुमार तो तोड़ना पड़ा और आरक्षण व्यवस्था के कमज़ोर किए जाने से नाराज़ कमज़ोर तबकों को गुमराह करने के लिए कर्पूरी ठाकुर को सम्मानित करना पड़ा।
दलित और मुस्लिम समुदाय की एकता ही लोकतंत्र और संविधान को बचाने की शर्त है। आइये हम मिलकर इस ज़िम्मेदारी को निभाएं।