
३० रू० प्रतिदिन ऑटो से बसूली तथा ई-रिक्शा चालकों से 15 स० प्रतिदिन का ठेका अराजक तत्थों को उठा दिये जाने को लेकर मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
एटा ई रिक्सा यूनियन ने आज नगर पालिका मे एकत्रित हो कर दिया ज्ञापन । ज्ञापन मे कहा गया है की अति पिछडे जनपद एटा के रहने वाले हैं। यहां कोई उद्योग धन्धे कोई फैक्ट्री नहीं है। प्रार्थीगण ऑटो, ई-रिक्शा नगर पालिका क्षेत्र में चलाकर अपनी आजीविका को बता रहे हैं।
महोदय आपको ज्ञात हो कि आपकी सरकार बहुत अच्छी चल रही है। कुछ विरोधियों के द्वारा नगर पालिका क्षेत्र में गरीब ऑटो, ई-रिक्शा चालकों पर नगर पालिका एटा द्वारा स्टैण्डों का ठेका 03 माह के लिये उठा दिया है जिससे आगामी चुनाव के दौरान एटा लोकसभा सीट का माहौल विगाइने के उद्देश्य से नगर पालिका प्रशासक उपजिलाधिकारी द्वारा उक्त कृत्य कराया गया है। यह ठेका तहबाजारी के अन्तर्गत उठाया गया है जबकि काफी समय से सरकार द्वारा तहचाजारी वसूली निरस्त की जा चुकी है जिसके अन्तर्गत उक्त ठेका उठाना पूर्ण रूप से नियम विरूद्ध है।
महोदय कभी भी शहर के ई-रिक्शा स्टेण्डों का ठेका नहीं उठाया गया है। मान्यवर शहर भर में नगर पालिका के पास एक भी ऑटो स्टैण्ड के लिये जगह नहीं है और ना ही पालिका द्वारा कोई सुविधा ई-रिक्शा चालकों के लिये नहीं है। महोदय कुछ नगर पालिका एटा में विरोधी कर्मचारी हैं जिन्होंने प्रशासन को बरगलाकर गरीबों पर ३० रू० प्रतिदिन ऑटो से बसूली तथा ई-रिक्शा चालकों से 15 स० प्रतिदिन का ठेका अराजक तत्थों को उठा दिया है। इनके द्वारा जबरन वसूली की जा रही है। अतिशीत लहर के कारण गरीब चामक रोजी रोटी भी नहीं कमा पा रहे हैं।
अतः महोदय से निवेदन है कि उक्त ठेका निरस्त कराया जाये जिससे गरीबों को राहत मिल सके।
ज्ञापन देने वालो मे कुलदीप कुमार ,योगेश मिश्रा,भानू प्रकाश,किशन लाल,बीरेंद्र सिंह,सलीम,विपिन कुमार,खुर्शीद आलम आदि।