
एटा, । सीएमओ कार्यालय में गाड़ी का अनुबंध होने के बाद भी रोडवेज के एटा डिपो में बोलरो का अनुबंध कर उसके नाम पैसा निकलने के मामले में एआरएम फंस गए। एसडीएम की ओर से की गई जांच में शिकायत की पुष्टि हो गई। वहीं रोडवेज के रंग में डग्गामार बसों के संचालन में भी संलिप्ता का आरोप लगा है। इन मामलों में दोषी मिलने पर जिला प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर कार्रवाई की संस्तुति की है।
जैथरा निवासी सुनील कुमार की ओर से डीएम प्रेम रंजन सिंह को शिकायत की गई थी कि बोलेरो यूपी 82 एटी 1571 सीएमओ कार्यालय में अनुबंध पर चल रही है। इसी गाड़ी को एटा डिपो में एआरएम के लिए बताया गया। सुनील को यह जानकारी क्षेत्रीय प्रबंधक अलीगढ़ से जनसूचना अधिकार में दी गई थी। सूचना में एआरएम राजेश यादव पर बोलेरो यूपी 82 एटी 1571 का अनुबंध बताया है। यह गाड़ी एक अगस्त 2022 से 31 जुलाई 2025 तक निगम में अनुबंध है। इस बारे में डीएम से शिकायत की गई। शिकायत के बाद डीएम ने एसडीएम से जांच कराई। जांच में लगाए आरोप सहीं मिले।
शासन को भेजे गए पत्र में बताया है कि जो वाहन सीएमओ कार्यालय में चल रहा है उसके बिलों को सत्यापित किया गया। गाड़ी चलाने के बदले 30 हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान संबंधित फर्म को जाता रहा। इससे सरकारी पैसे को क्षति पहुंचाई गई। इसके अलावा रोडवेज बसों के रंग में चलने वाली 49 बसों पर कार्रवाई गठित टीम की ओर से की गई। इसमें नौ बसें रोडवेज बस स्टैंड के पास से सवारी भरते हुए पकड़ी गई। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि इन बसों के संचालन के बारे में न तो अधिकारियों को बताया न ही कोई कार्रवाई की गई। ऐसे में एआरएम की संलिप्ता प्रतीत होने की संभावना व्यक्त की है। मालूम हो कि इस मामले का खुलासा 14 अक्तूबर 2023 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
एआरएम पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र
शिकायत मिलने पर एआरएम रोडवेज की जांच कराई गई थी। शिकायत में जो आरोप लगाए है वह जांच में सही मिले। कार्रवाई किए जाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
-आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन