ठंड/पाला/घने कोहरे से बचाव की तैयारी के लिये इन बातों की ओर ध्यान दे

एटा , अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), आयुष चौधरी ने बताया है कि जनपद में न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट देखी जा रही है, ऐसी स्थिति में सर्द हवाओं के चलने के कारण ठंड का प्रकोप और भी बढ़ने की सम्भावना बनी रहती है। उपरोक्त स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एटा ठंड/पाला/घने कोहरे से बचाव की तैयारी के लिये इन बातों की ओर ध्यान आकर्षित करना चाहता है।
उन्होनें बताया कि ठंड/पाला/घने कोहरे से बचाव हेतु क्या करें- रेडियो सुनें, टीवी देखें, स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान के लिए समाचार पत्र पढ़ें। पर्याप्त सर्दियों के कपड़े स्टॉक करें। कपड़ों की कई परतें अधिक सहायक होती हैं। बच्चों को अच्छी तरह ऊनी कपडों से ढक कर रखें एवं बुजुर्गों पर विषेष ध्यान दें। पीने, स्नान करनें के लिए गुनगुने पानी का उपयोग अवश्य करें। भारी कपड़ों की एक परत के बजाय ढीले ढाले, हल्के, वायुरोधी गर्म ऊनी कपड़ों की कई परतें पहनें। टाइट कपड़े ब्लड सर्कुलेशन को कम करते हैं। ठंड से बचाव के लिये जनपद में विभिन्न स्थानो पर तहसील/नगर पालिका/नगर पंचायत के द्वारा दैनिक रूप से जलाये जा रहे अलाव का सहारा लिया जा सकता है। शीतलहर/ठंड के दृष्टिगत निराश्रित/असहाय/गरीब व्यक्तियो से अनुरोध है कि सुरक्षा के लिये जनपद में नगर निगम/नगरपालिका/नगर पंचायत द्वारा संचालित रैन बसेरों का उपयोग करें। कोहरे के दौरान वाहन धीरे चलाये, डिफॉगर लगाएं, इंडिकेटर लाइट एवं हेलमेट का उपयोग एवं नारंगी रंग का चेतावनी स्टीकर लगायें, जिससे घने कोहरे में वाहनों के मध्य उचित दूरी बनी रहे तथा दुर्घटना न हो पाये। किसानों से विशेष अनुरोध है कि ठंड/पाला से बचाव हेतु कृषि कार्य दिन में ही पूर्ण करना सुनिश्चित करें। पलू, बहती नाक या नाक से खून बहने जैसी विभिन्न बीमारियां ठंड मे लंबे समय तक रहने के कारण बढ़ जाती हैं। ऐसे लक्षणों के लिए डॉक्टर से सलाह लें। अपने आप को सूखा रखें। यदि गीले हैं, तो अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढक लें क्योंकि अधिकांश गर्मी का नुकसान शरीर के इन हिस्सों से होता है। शरीर के तापमान का संतुलन बनाए रखने के लिए स्वस्थ भोजन करें। झ पर्याप्त प्रतिरक्षा बनाए रखने के लिए विटामिन-सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। नियमित रूप से गर्म तरल पदार्थ पिएं, क्योंकि इससे सर्दी से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी। पशुओं को ठंड से बचाये एवं निमोनिया, डायरिया, खुरपका व मुंहपका इत्यादि से बचाव के लिये टीकाकरण अवश्य करायें।
ठंड/पाला/घने कोहरे से बचाव हेतु क्या न करें- रात्रि में बंद कमरे में परिवार के साथ अंगीठी जलाकर ना सोये। बंद कमरें में अंगीठी जलाने से जहरीली गैस बनने तथा दुर्घटना हाने का खतरा बना रहता है। ठंड/पाले/घने कोहरे में खुले आसमान के नीचे न सोयें। बच्चो को जलते हुये अलाव के पास अकेला ना छोडें व उपयोग के पश्चात आग को पानी डालकर अवश्य बुझायें। घर में पानी गर्म करतें समय भी बच्चो का विशेष ध्यान रखें। कोहरे में वाहन तेजी से ना चलायें।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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