
*!!.वीर भूमि बुंदेलखंड को प्रणाम: राम मंदिर के निर्माण हिंदू पक्ष के वकील केशव पाराशर की मेहनत को नमन.!!*
*हिंदू पक्ष के वकील केशव पाराशर केश की सुनवाई के दौरान कोर्ट में जूता पहनकर नही गए लगभग 50 सालों तक चले इस मुकदमे में मात्र 5 घंटे ही सोते थे*
बुंदेलखंड की वीर भूमि में अपनी माटी का मान बढ़ाया है l उत्तर प्रदेश झांसी जिले के निवासी चिरगांव, हाल निवास अयोध्या में हमारे वंशज एवं बब्बा जी हिंदू पक्ष के वकील केशव पाराशर की मेहनत को मैं नमन करता हूं l जय अयोध्या जय श्री राम हिंदू पक्ष के वकील केशव पाराशर हमारे बब्बा 98 वर्ष के है, जो प्रभु श्री राम (धर्म) के लिए लड़ते रहे।
राममंदिर की बात हो और पंडित “केशव पाराशर” के योगदान की चर्चा ना हो, राम मंदिर का केश लड़ने वाले ये महान व्यक्ति कभी भी इस केश की सुनवाई के दौरान कोर्ट में जूता पहनकर नही गए लगभग 50 सालों तक चले इस मुकदमे में वो मात्र 5 घंटे ही सोते थे , ऐसे में एक वक्त ऐसा आया की जब इनकी आंखे एक दम खराब हो गई थी डॉक्टर ने कहा आप तुरंत चेन्नई जाकर अपने आंखो का ईलाज करवा लीजिए। लेकिन ये रामलला का मुकदमा बीच में छोड़कर नही गए और जब राममंदिर का फैसला आने वाला था, तो अपने पूरे परिवार के साथ नहा धोकर उस दिन बिना अन्न-जल ग्रहण किए पूरे दिन टेलीविजन के सामने बैठे रहे और जैसे ही राम मंदिर के पक्ष में फैसला आया पूरे परिवार ने एक साथ “जय श्री राम” और “हर हर महादेव’ के नारों से वातावरण को “राममय” कर दिया।
ये तस्वीर उसी वक्त की है।
जय श्री राम ❤️