सांसद की मेहरबानी पर जिले को बर्बाद करने की ठानी

*सांसद की मेहरबानी पर जिले को बर्बाद करने की ठानी!! 

एटा सदर SDM भावना विमल को नहीं लगता है कि जनपद एटा में सरकार की मंशा को धरातल पर उतारा जाये.यह सब आरोप हवा में नहीं लग रहे है इसलिए भी कहा जा रहा है क्योंकि SDM भावना विमल को ग्राम पंचायतो में सरकारी जमीनो पर भू- माफिया जमे हुए है परंतु SDM को कतई नहीं दिखाई दे रहें है।

आपको बताते चले कि जनपद एटा से पूर्व सदर SDM भावना विमल अलीगढ में बतौर ट्रेनिंग व पोस्टिंग रही है।अलीगढ में भी मेडम के हालात सही नहीं बताये जाते है लेकिन एटा जनपद को भी बंजर भूमि बना कर ही जाने का मूड बना लिया है।

*SDM सदर ने एटा सदर तहसील की सीट पर विराजमान होते है सबसे पहले प्राइवेट पैमाइस पर पूरा दिमाग़ लगा दिया था।परंतु तत्कालीन जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल द्वारा लगाम लगाने पर ही उक्त SDM रुकी थी।*

जैसा कि बताया जा रहा है कि एटा सदर SDM  भावना विमल द्वारा सरकारी जमीनों को भू माफियाओ से कब्ज़ा मुक्त ना करा कर, भू-माफियाओ से मिलकर कई सौ एकड़ जमीनों पर कब्ज़ा कराये बैठी है….
*ऐसी कौन सी जादुई ताकत है जिससे उक्त SDM को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर से भी डर नहीं है।*

*न्यायालय से ख़ारिज *
छः माह पूर्व ADM F/R आयुष चौधरी के न्यायालय से करीब 135 बीघा जमीन मुखरन्ना पंचायत व पंचायत उमरायपुर के पट्टे ख़ारिज कर दिए गये थे। कमिश्नर न्यायालय से भी यह पट्टे ख़ारिज होने के बाद भी भू माफिया को उक्त भूमि से बेदखल नहीं कर पाई है।

*मिलीभगत का पैसा *
छः माह पूर्व की कहानी बताई जाये तो बड़ी मशशक्त के बाद ADM न्यायालय से ख़ारिज होने के बाद SDM भावना विमल द्वारा इस भूमि पर एक बार भी निरिक्षण नहीं किया गया है। ज़ब कि उस समय धान की खेती खड़ी हुई थी जिस पर सरकार का हक़ होने के बाद भी माफिया को धान काटने का SDM भावना विमल द्वारा बहाना दे दिया गया। 135 बीघा पर खड़े धान की क़ीमत आँकी जाये तो करीब 7/9 लाख का सरकारी नुकसान SDM सदर भावना विमल ने किया है। क्या SDM सदर से बसूल होगा।

*खेल में शामिल *
7/9 लाख के धान का खेल कोई ऐसे ही नहीं होता है। *इस खेल में मुखरन्ना लेखपाल राम नरेश यादव,नायब तहसीलदार डॉली यादव, SDM सदर भावना विमल सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।*  इस सरकारी जमीन को मुक्त कराने व जमीनी लड़ाई भी एक आम नागरिक ही लड़ रहा है जिसकी जान माल का भी खतरा बढ़ रहा है। लेकिन कोई भी मरे और कटे परन्तु SDM सदर के घमंड पर चू नहीं रेंगेगी……….

*जिलाधिकारी की आँखों में धूल झोकी जा रही है!*

कई बड़ी सरकारी जमीनों की पैमाइश में जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह का निर्देश होने के बाद भी SDM सदर फर्जी IGRS कर के प्रदेश में टॉप पर रहना चाहती है। अगर सही से जाँच हों तो पाएंगे कि गरीब किसानों का 24 लाख रुपया गड्डे में चला गया है क्योंकि सदर तहसील पर IGRS फर्जी ही निपटा दी गई है।

*सांसद राजवीर सिंह यह भी जानना जरुरी है *
अगर सदर तहसील के यही हालात रहे तो आपको संसद तक जाने का रास्ता SDM सदर भावना विमल जैसी महिला अधिकारी रोक ही नहीं देगी आपको अलीगढ विदा भी करके आएगी। सदर SDM भावना विमल की वज़ह से तहसील सदर हालात बेहद नाजुक स्थिति में है। क्योंकि सरकार के साथ खड़ा आम आदमी अपनी पीड़ा कहने के लिए जाता है तो ऑफिस में SDM महोदय दुत्कार देती है ।तब थक हार कर जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के दरवाजे जाता है क्योंकि वहां के दरवाजे सदैव खुले रहते है और यही कारण है कि जिलाधिकारी के दरवाजे फरियादी अधिकतर पहुंच रहे है।

इसके आगे का लेख जल्द आपके सामने होगा,आपको बतायेगे एक- एक पंचायत की सरकारी भूमि का लेखा-जोखा क्योंकि सरकारी जमीनों पर किसी और की बुरी नजर नहीं है सरकारी जमीनो पर सदर SDM भावना विमल जैसे अफसरों की बुरी नजर है और यह घातक भी होगा।क्योंकि इनकी सर्विस इन्हे बेचना है फिर जैसे भी हो।

*पैसा ऐसे नहीं कमाया जाता है। जैसे तुम…… जिले को खोखला कर दिया है*

*सरकारी जमीन से माफियाओ को हटाना हमारा लक्ष्य है,फिर आप सदर तहसील रहे या ना रहे।*

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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