
एटा, । एक साल पहले चोरी हुई बाइक की तहरीर देने के बाद भी जैथरा पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उसी चोरी की बाइक से अपराधियों ने वारदात कर दी। बाइक नंबर के आधार पर घटना के बाद पुलिस ने पीड़ित से संपर्क किया और जानकारी ली। पीड़ित ने जैथरा पुलिस से संपर्क किया और इसके बाद आनन-फानन में जैथरा पुलिस ने एक साल से अधिक समय बाद रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना जैथरा के गांव नगला भूड निवासी पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि एक साल पहले धुमरी स्थित बीयर के ठेके पर सेल्समैन की नौकरी करते थे। 15 जून 2022 को चोर ठेका के बाहर से उनकी बाइक चुरा ले गए। बाइक पुष्पेंद्र के साले की थी।
पुष्पेंद्र की मानें तो उन्होंने बाइक चोरी की तहरीर पुलिस को दी थी। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उस समय रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इसी चोरी की बाइक से नवंबर में अपराधियों ने नोएडा में वारदात कर दी। नोएडा पुलिस ने जांच की थी। जांच में बाइक नंबर के आधार पर दिल्ली में जाकर संपर्क किया।
दिल्ली में पीड़ित के ससुर का मोबाइल नंबर मिला था। नोएडा पुलिस ने ससुर से संपर्क किया तो उन्होंने पीड़ित का नंबर दे दिया था। 21 नवंबर को नोएडा पुलिस ने पीड़ित को कॉल कर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि बाइक एक साल पहले ही चोरी हो चुकी है और शिकायत धुमरी चौकी पर जाकर की थी। पीड़ित ने बताया कि पुलिस ने क्या घटना हुई है और कब घटना हुई यह नहीं बताया है। इसके बाद पीड़ित ने चौकी पर जाकर संपर्क किया और थाने भी पहुंचे। पीड़ित की तहरीर पर जैथरा पुलिस ने आनन-फानन में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उसी समय तहरीर का खींच लिया था फोटो
एटा। पीड़ित ने बताया कि तहरीर देने के बाद उसका फोटो खींच लिया था इसके साथ ही अगले दिन फेसबुक पर भाई ने बाइक चोरी की पोस्ट भी डाली थी। वह सभी सबूत नोएडा पुलिस को भेजे। जिससे पीड़ित बच गया। अगर पीड़ित ने तहरीर का फोटो न खींचा होता तो पीड़ित भी पुलिस की कार्रवाई का शिकार हो गया होता।