एनसीएल निगाही से निकलने वाले कोयले में हो रहा बड़ा घोटाला
जी 11 की जगह निकाला जा रहा जी 7 कोयला,एनसीएल के अधिकारियों, ट्रांसपोर्टर की भूमिका संदिग्ध

सिंगरौली। एनसीएल की निगाही परियोजना में निकलने वाले कोयले में इन दिनों एनसीएल के कुछ अधिकारियों की सह पर बड़ा घोटाला किया जा रहा है। बताया जाता है कि जी 11 कोयला जो की कोयले का चूरा होता है उसकी जगह पर जी 7 स्ट्रीम कोयला निकालकर साइडिंग तक पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि साइडिंग के बाद मंडी जाने वाली गाड़ियों के लिए एनसीएल के अधिकारी ही ई-खनिज के कागज उपलब्ध करा देते हैं। इस पूरे गोरखधंधे में रोजाना एनसीएल को करोड़ो का नुकसान हो रहा है।
सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ट्रांसपोर्टर अवधेश पाठक द्वारा किये जा रहे इस पूरे गोरखधंधे में एनसीएल के अधिकारी सत्येन्द्र सिंह, रविन्द्र श्रीवास्तव शामिल हैं जिनके इशारे पर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया जाता है। एनसीएल की निगाही परियोजना से सैकड़ो ट्रकों में भरकर जो कोयला साइडिंग के लिए जाता है उसमे घोटाला कर ट्रांसपोर्टर तथा एनसीएल के कुछ अधिकारी मालामाल हो रहे हैं। यही नहीं एनसील निगाही के कांटा में भी बड़ा गोलमाल किया जा रहा है। नियम तो है कि शाम छ: बजे के बाद कांटा बंद हो जाना चाहिए परन्तु यहां एनसीएल के अधिकारियों की मिलीभगत से कांटा चौबिसो घंटे चलता है और कांटा बाबू तीन शिफ्ट में कार्य करते हैं। कांटा में प्रति गाड़ी पांच से दस टन ज्यादा कोयला निकालकर एनसीएल को लाखों, करोड़ो का रोजाना चूना लगाया जा रहा है। इस संबंध में जब कभी शिकायत भी की जाती है तो निचले स्तर पर नाम मात्र की कार्यवाही कर मामले को समाप्त कर दिया जाता है और मामला उच्चस्तर तक पहुंचने से पहले ही समाप्त हो जाता है।