
बरेली: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अंतर्गत टी बी मुक्त करने के लिए ए सी एफ के द्वारा किया जाएगा एक्टिव केस फाईडिंग अभियान का उददेश्य सम्भावित क्षय रोगियों को रोग के आरम्भ में ही चिन्हित करके उन्हे शीघ्र से शीघ्र इलाज कर क्षय रोग से मुक्त किया जाएगा जिससे कि क्षय रोग जन सामान्य में फैलने से रोका जा सके।एक्टिव केस फाईडिंग कैम्पेन के अन्तर्गत बरेली जिले के समस्त कारागार, नारी निकेतन, कुष्ट आश्रम, वृद्धा आश्रम एवं मदरसा के साथ साथ ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र की कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत अर्थात 10,93,435 जनसंख्या को आच्छादित किया जायेगा। उक्त अभियान हेतु 434 टीमे लगाई जायेंगी तथा प्रत्येक टीम में 03 सदस्य लगाये जाने है। 03 सदस्यों की टीम प्रत्येक दिन 50 घर में विजिट कर टी०बी० के सम्भावित लक्षणो वाले व्यक्तियों का जांच हेतु बलगम मौके पर ही लेकर परीक्षण हेतु जांच केन्द्र पर भेजा जाएगा तथा टी०बी० का मरीज होने पर इलाज पर रखा जाएगा व पोषण हेतु निक्षय पोषण योजना के अन्तर्गत रू० 500/- प्रतिमाह की दर से धनराशि इलाज पूर्ण होने तक दी जायेगी। प्रत्येक 05 टीमो पर 01 पर्यवेक्षक लगाये गये है। उक्त अभियान में लगाये गये पर्यवेक्षको को प्रतिदिन 300 रु० एवं टीम के सदस्यों को 150 रू० प्रतिदिन दिये जाने का प्रावधान है। अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार द्वारा जन मानस को अभियान का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कराते हुए अभियान को सफल बनाया जा सके तथा जनपद बरेली को वर्ष 2025 तक क्षय रोग से मुक्त किया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विश्राम सिंह ने बताया किअगर किसी को दो हफ्ते से अधिक खांसी का आना, खांसी के साथ बलगम का आना, बलगम में खून का आना, बुखार का आना विशेष रूप से शाम के समय, सीने में दर्द होना, भूख कम लगना, वजन कम होना आदि लक्षण होते निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाए। इस अवसर पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर के सी जोशी, पी पी एम कोऑर्डिनेटर विजय कुमार, और निखिल बंसल भी उपस्थित रहे ।।