तिरुपति वैंकटेश्वर बालाजी मंदिर चित्तूर (आंध्र प्रदेश): पत्थर की मूर्ति को भी आता पसीना

*!!.विश्व का अनोखा रहस्य तिरुपति वैंकटेश्वर बालाजी मंदिर चित्तूर (आंध्र प्रदेश): पत्थर की मूर्ति को भी आता पसीना, भारतीय वैज्ञानिकों के साथ साथ तांत्रिक व नासा के वैज्ञानिक भी आज तक रहस्य से नहीं उठा पाएं पर्दा.!!*
*
भारत का एक ऐसा चमत्कारी मंदिर जहाँ पर पत्थर की मूर्ति को भी पसीना आता हैं । अगर आप से कोई ये कहे की भारत में एक ऐसा मंदिर है, जहाँ पर भगवान की मूर्ति को पसीना आता हैं. क्यों हैरान हो गए न? अब आपको लग रहा होगा की ये सब बकवास हैं लेकिन वास्तव में ये कोई मज़ाक नहीं बल्कि हक़ीक़त है l भारत विश्व का अकेला एक ऐसा देश है जहाँ पर समय-समय पर भगवान स्वयं अवतरित हुए हैं और आम जन मानस का कल्याण किया हैं l इसी के साथ साथ भारत में जिन स्थानों पर भगवान के जन्म लेने की मान्यता है वहाँ पर इससे सम्बन्धित कई सारे ऐसे रहस्य मौजूद है, जिनको आज तक नासा के वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा सके हैं l ऐसे ही एक चमत्कारी मंदिर भगवान तिरुपति बाला जी का । तिरुपति बालाजी का मंदिर कई सारे अनसुलझे रहस्यों से भरा हुआ हैं l
*कहाँ है तिरुपति बालाजी का मंदिर ?*
तिरुपति वैंकटेश्वर बालाजी का ये मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है, तिरुपति बाला जी को भगवान श्रीहरि का ही एक रूप माना जाता हैं l ऐसी मान्यता है भगवान विष्णु ने स्वयं यहाँ पर अवतार लिया था, इसलिए यहाँ की मूर्ति किसी ने बनवाई नहीं बल्कि स्वयं प्रकट हुई थी, तिरुपति वैंकटेश्वर का ये मंदिर तिरुमाला की सात पहाड़ियों की सातवीं पहाड़ी पर स्थित हैं l मान्यता है कि भगवान विष्णु के शेषनाग के सात फनों के आधार पर इन्हें सप्तगिरि की पहाड़ियाँ भी कहते हैं l

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks