एटा के सीएमओ उमेश कुमार त्रिपाठी के खिलाफ महा भ्रष्टाचार की त्रिस्तरीय सरकारी जांच..! *जांच की तरीके से नाखुश शिकायत कर्ताओं ने
मुख्य मंत्री को प्रत्यावेदन भेज कर पहले हटाने की
मांग की* एटा के सीएमओ का महा भ्रष्टाचार(१)

एटा। पिछले ३५ साल में आए सी एम ओ में मौजूदा एटा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा उमेश कुमार त्रिपाठी एटा में आने के बाद दिनोदिन विवादित होते जा रहें हैं। आए दिन नित नई नई कर्म कुंडलियां छन छन कर सामने आ रही हैं। पर अभी तक कार्यवाही के नाम पर कथित जांचे सिर्फ सफेद दिखावटी हाथी की तरह साबित हो रही हैं। बताते चले सितम्बर माह में मुख्य मंत्री के जनता दर्शन के माध्यम से एटा में सी एम ओ द्वारा किए गए भ्रष्टाचार के मामले दस्तवेजो के साथ सौपे गए जिन पर मुख्य मंत्री जी के यहां से महा निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य को जांच के निर्देश दिए गए इधर आयुक्त अलीगढ़ मंडल एवं जिला अधिकारी एटा को शिकायते की गईं। जिस पर शासनिक जांच/आयुक्त महोदय के निर्देश पर जांच अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ एवं परिवार कल्याण अलीगढ़ माडल कर रही हैं। जिलाधिकारी ने यूं तो जांच सी डी ओ एटा को दी है परंतु यह जांच सीडीओ साहब ट्रेजरी आफिसर से करा रहे हैं। जिस पर शिकायत कर्ता पत्रकार देबू शर्मा,मोहित यादव ने सवाल उठाते हुए जांच के नाम पर मखौल बताया हैं। उन्होंने कहा है जांच प्रणाली की निष्पक्षता में शुचिता कैसे रह सकती हैं जब आरोपी सी एम ओ इसी स्थान पर पदस्थ हैं जांच से पूर्व इन्हे यहां से हटाना चाहिए। इधर मुख्य मंत्री को भेजे अपने पुनः प्रत्यावेदन में कहा गया है एडी महोदया पी एम एस संवर्ग की अधिकारी यही संवर्ग आरोपी सी एम ओ का है अतः समान संवर्ग को ध्यान में रखते हुए डियर डाक्टर का सहनुभूति फैक्टर प्लस लेनदेन का ट्रेंड काम करने की पूरी संभावना है।इधर जिला स्तरीय जांच कार्यवाही तो चालाक सूझबूझ से की जा रही सी डी ओ ने यह जांच ट्रेजरी आफिसर को जान बूझ कर दी है क्योंकि उक्त अफसर मूल रूप से स्वास्थ विभाग के वित्त लेखाधिकारी है जिनका वेतन सी एम ओ एटा निकालते हैं। यह अफसर ट्रेजरी का अतिरिक्त चार्ज संभाले हुए हैं। ऐसे में जांच सिर्फ महज दिखावा हैं। मुख्यमंत्री जी से कहा गया है एटा के सी एम ओ का भ्रष्टाचार निरंतर जारी है। इस लिए शासन स्तर से गठित टीम जांच करें उससे पहले आरोपी सी एम ओ को इस पद से हटाया जाया। प्रत्यावेदन में कहा गया है सी एम ओ एटा ने शासन को प्रेषित चल अचल संपत्ति का ब्योरा में अनेक तथ्य छुपाए है जो दर्शाए उनसे चार गुनी संपत्ति है जिसकी अनुमानित कीमत अरबों में हो सकती है।सूत्रों ने कासगंज जिले की तहसील सहावर के अमापुर करसाना में 17 बीघा आम के बाग के सबूत जुटाए जो आरोपी सी एम ओ के पुत्र और पत्नी के नाम है, यह बाग अमापुर से कासगंज रोड पर है।जिसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ से अधिक है। यह आमापुर से कासगंज जाने वाले मुख्य मार्ग पर 5 किमी पर 100 मीटर अंदर है जिसका गूगल मेप के साथ फोटोग्राफ सहयोगी प्रमाणों के साथ मुख्य मंत्री उत्तर प्रदेश को प्रेषित किए गए है । अधिक है इसी तरह आगरा में स्थापित अपने पुत्र की कंपनी का ब्योरा छुपाया गया है।
बताते है एटा के उक्त आरोपी सी एम ओ अरबों की संपत्ति के मालिक यूं ही नहीं बने इसके पीछे भ्रष्टाचार के नए हथकंडों ने काम किया जो विविध रूप रंग में सामने आने लगे हैं जिनकी पुष्टि करने के बाद जन सामान्य के लिए जनहित में मीडिया के उत्साही पत्रकार उजागर करते रहेंगे।✍️✍️