
एटा, कार्यालय संवाददाता। हमेशा दीपावली पर 40 से 50 रुपये किलो तक बिकने वाली फूलगोभी दो रुपये किलो में बिक रही है। एक दम से भाव नीचे चले जाने से किसान परेशान हैं। किसान को खेत से बाहर निकलने वाले दाम भी नहीं मिल रहे है। ऐसे में कई किसानों ने गोभी को खेत में ही जुतवा दिया। गोभी का इतना सस्ता होने के पीछे स्थानीय अच्छी पैदावार बताई जा रही है। हमेशा इन दिनों में गोभी बाहर से आती थी।
ब्लॉक अलीगंज, मारहरा और शीतलपुर क्षेत्र में इस समय गोभी की तुड़ाई चल रही है। दिन रात किसान काम कर रहे हैं। गोभी को फसल को मंडी तक ले जाने के लिए खेतों में लेबर लगाकार काम कराया जा रहा है। फुटकर में गोभी के दाम आठ से दस रुपये किलो बाजार में मिल रही है। वहीं गोभी किसान की थोक बाजार में दो से तीन रुपये किलो खरीदी जा रही है। किसान जिस पैकिंग में गोभी को मंडी में बेचने के लिए ले जाता है वह पन्नी आठ से दस रुपये की मिल रही है। उसे भरने के लिए लेबर भी इतने ही दाम ले लेती है। एक पन्नी में 25 से 28 किलो तक गोभी आती है, जो थोक बाजार में 60 रुपये तक 80 रुपये तक ही बिक पा रही है। जबकि पैकिंग का ही किसान का खर्चा 25 रुपये प्रति पन्नी आ रहा है। इस कारण ही किसान खेतों में ही इसे जुतवा रहे है।
अलीगंज के किसान परेशान अलीगंज। फूलगोभी का सही मूल्य बाजार में नहीं मिल रहा है। रामौतार सिंह ने बताया कि एक से दो रुपया किलो फूलगोभी बाजार में बेचने को मजबूर हैं। इस कारण उन्हें अपनी लागत निकालने में भी मुश्किल हो रही है। परेशान किसान अपने खेतों में लगी गोभी की फसल पर ट्रैक्टर चलाकर रौंद रहे हैं। अगोनापुर, जुनेदपुर, कुदेशा, हृदयपुर, पलरा, पछन्दा, हासियापुर, कालिंजर, वामन नगला, झकराई के किसानों का कहना हैं कि फसल कि सही लागत नहीं मिलने और खेती में हुए घाटे की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजा चाहते हैं।