येरुशलम का 35 एकड़ का क्षेत्र जो कि इजरायल फिलस्तीन के विवाद की मूल जड़ है, वहां स्थित मंदिर मूल रूप से यहूदियों का ही था

येरुशलम का 35 एकड़ का क्षेत्र जो कि इजरायल फिलस्तीन के विवाद की मूल जड़ है, वहां स्थित मंदिर मूल रूप से यहूदियों का ही था

ईसाइयों के ईसा मसीह चूंकि वहां गए थे, उपदेश दिया और उसी जगह #यहूदियों द्वारा क्रॉस पर लटकाये जाने के कुछ दिन बाद पुनः जिंदा होकर वापिस आये तो वह जगह ईसाइयों के लिए भी पवित्र हो गयी

इसके बाद मुस्लिमो के पैगम्बर वहाँ गए और वही से जन्नत की यात्रा की तो उस जगह का महत्व भाई जान लोगों के लिए भी हो गया

पर मंदिर मूल रूप से सबसे पहले था तो यहूदियों का ही

2000 साल से यहूदी मारे गए, भगाए गए

कभी रोमन साम्राज्य द्वारा, कभी मजहबियों द्वारा तो कभी किसी तानाशाह द्वारा

जबरदस्त नरसंहार हुआ पर उन्होंने अपनी जगह पर कभी दावा नही छोड़ा

पूरे विश्व मे बिखर गए, संसाधन जुटाए, ताकत इकट्ठी करी और दुनिया के बड़े पदों पर काबिज हुए

लौट के वापिस आये और खुद को अपने दम पर स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया

इतना ही नहीं, एक साथ 8 अरब के मुस्लिम मुल्कों से युद्ध किया आजाद होने के फौरन बाद

न संसाधन, न तकनीक पर था तो केवल एक जज्बा कि अभी नही तो कभी नहीं

उन्हें पता था कि उनके पास हार का कोई ऑप्शन नही था, आज हारे तो कहां जाएंगे

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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