
एटा,दीपावली पर माटी कला के कारीगरों को मिट्टी के बर्तन, दिये व गुल्लक की अच्छी बिक्री की उम्मीद है। प्रजापति समाज के लोग त्योहारों पर बिक्री के लिए दिनभर दिये बना रहे हैं। इस बार छोटे व बड़े कई तरह के दिये बना रहे हैं।
शहर के बाजार में रंग-बिरंगे मिट्टी के बर्तन, गुल्लक, टेसू व झांजी देखने को मिलेंगी। दुकानों के बाहर रखे गुल्लक व बर्तन लोगों का ध्यान बरबस अपनी ओर खींचते हैं। बच्चे इन दुकानों से टेसू, झांजी व गुल्लक खरीदते नजर आते हैं। मिट्टी से बने टेसू व झांसी पांच से 10 रुपये तक बिक रहे हैं। प्रजापति समाज के लोगों के अनुसार हर व्यक्ति 10 से 15 हजार दिये बना रहा है। उन्हें लगता है कि इस बार लोग दीपावली पर दिये अधिक खरीदेंगे। बनवारी प्रजापति कहते हैं कि लोग अब मिट्टी के दिये जलाने में रुचि दखा रहे हैं। ऐसे में इस बार त्योहारों में अधिक दिये बिकेंगे। गत वर्षों की अपेक्षा इस बार मिट्टी महंगी हुई है।
*दीपावली से पूर्व परिवार के साथ दिनभर चाक पर दिये व गुल्लक बना रहे हैं। त्योहारों पर इस बार अच्छी बिक्री की उम्मीद है। लोग अब मोमबत्ती की जगह दिये जलाने को तरजीह दे रहे हैं।*
बनवारी प्रजापति
*दीपावली पर मिट्टी के बर्तन के साथ ही दिये व गुल्लक भी बना रहे हैं। इस बार छोटे व बड़े कई तरह के दिये बनाएंगे। दीपावली पर बिक्री के लिए 10 से 15 हजार दिये बनाने का लक्ष्य रखा है।* मनमोहन प्रजापति