
मानव अपने अन्त:करण के परितोष के लिए कैसे
अद्भुत संकल्प लेकर उनकी प्रतिपूर्ति के प्रयास करता
है । ये हैं जैकब हरमीत सिंह । इन्होंने श्रीरामचरित मानस
की हस्तलिखित प्रति तैय्यार की है जिसके प्रत्येक दोहा
चौपाई का हिन्दी में तथा अंग्रेजी में अर्थ अंकित है ।
पुस्तक में १७५० पेज हैं पेज जैसे कि दिख रहे हैं बहुत बडे़ हैं और इसका बजन १०६ किलो है । यह हस्तलिखित प्रति आगरा में लग रहे राष्ट्रीय पुस्तक
मेला / साहित्य उत्सव में प्रदर्शित की जा रही है ।
श्री सिंह इसी प्रकार बाइबल की भी हस्तलिखित प्रति
बना चुके हैं जिसका बजन १२० किलो है वह भी पुस्तक
मेले में प्रदर्शित हैं । बहुत बहुत साधुवाद जैकब साहब ।