
शिवराज मन से हरा केवल लाडली बहनों का सहारा
बात जरा टेढ़ी है पर प्रदेश की जनता को समझना चाहिए कि जो मन से हार जाता है वह कसमे खाते है वही हाल प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान का है वह जान चुके है कि पुरुष समाज मेरी थोथी बातों को जान चुके है मेरे भ्रष्टाचार के अभियान को भी जान चुके है लोगो को इन विगत वर्षो में झूठे वादे कपोल कल्पित भाषणों से ऊब चुकी है उनका सोचना है कि बहनों को भाई ने नाम पर बरगलाया जा सकता है क्यो की बहन अपने भाई के प्रति बेहद सम्बेदना शील होती है अपने भाई के लिए भगवान से भी लड़ जाती है बहने अपने भाई के लिए सब कुछ न्योछवार कर देती है ऐसी लिए शिवराज सरकार यह योजना रात दिन लाडली बहना की रट लगा रखी है
पर नही जानते कि यह डिजिटल युग की बहने है सब जानती है
की चुनाव के समय यह लाली पाप है जो सत्ता हथियाने की चाल है जहाँ बहनों के बेटे बेरोजगार घूम रहे है दर दर की ठोकरे खा रहे है क्या बहने अपने बेटों के दर्द को भूल पाएंगी काम गिनाइए रोजगार गिनाइए
सम्पादक समग्र प्रदेश