भारत में खेल संस्कृति का विकास शुभ संकेत- प्रो० रजनीश कुँवर

भारत में खेल संस्कृति का विकास शुभ संकेत- प्रो० रजनीश कुँवर

हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “राष्ट्रीय खेल दिवस” का हुआ आयोजन
वाराणसी 29 अगस्त, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस के अवसर पर 29 अगस्त को हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं शारीरिक शिक्षा विभाग के तत्वधान में “राष्ट्रीय खेल दिवस” का आयोजन किया गया। इस मौके पर महाविद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने टेबल-टेनिस प्रतियोगिता में भाग लिया।
प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० रजनीश कुँवर ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह जरूरी है कि शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद में भी भागीदारी करते रहें, जिससे मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों ही उत्तम बना रहेगा। इक्कीसवीं सदी में भारत की बढ़ती पहचान को रेखांकित करते हुए प्रो० रजनीश कुँवर ने कहा कि आज हमारे देश में खेल संस्कृति को सरकार द्वारा पर्याप्त प्रोत्साहन मिल रहा है। ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल समारोहों में भारत का बढ़ता वर्चस्व इस तथ्य की पुष्टि करता है। विद्यार्थियों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ही ऐसे खेलों का आयोजन किया जाता है।

राष्ट्रीय खेल दिवस का संचालन करते हुए शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रभारी डॉ० संजय सिंह ने बताया कि आज राष्ट्रीय खेल दिवस पर टेबल-टेनिस प्रतियोगिता में शिक्षकों व विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें महिला वर्ग के मैच में वाणिज्य संकाय की सहायक आचार्य सुश्री दिव्यानी बरनवाल ने अंग्रेजी विभाग की सहायक आचार्य सुश्री आकांक्षा सिंह को 08-06 से पराजित किया तो वहीं खेले गए पुरुष वर्ग में बी०एड० के सहायक आचार्य राजेंद्र प्रसाद ने बी०एड० के सहायक आचार्य डॉ० दुर्गेश सिंह को 08-05 से पराजित किया।
इस अवसर पर सुश्री गरिमा सिंह, सुश्री शेफाली पाल, डॉ० प्रज्ञा ओझा, श्री देवेंद्र प्रताप सिंह डॉ० अनिल कुमार, श्री प्रमोद कुमार, आदि उपस्थित रहे।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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