
दो भाइयों की गोली मारकर हत्या के दोषी पिता और दो पुत्रों को आजीवन कारावास
एटा। साल 2013 में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने पिता, उसके दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
नीलिमा चौहान के अनुसार थाना सकरौली के गांव मनीगढ़ी निवासी प्रेमपाल पुत्र लेखराज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी 3 मई 2013 की रात को पीड़ित, भाई चन्द्रपाल, ज्ञान सिंह, पिता लेखराज सो रहे थे। पीड़ित, पिता, भाई चन्द्रपाल छत पर सो रहे थे एक भाई ज्ञान सिंह नीचे कमरे में पत्नी के साथ सो रहे थे । इसी दौरान पड़ोसी आरोपी रामप्रसाद, थान सिंह, राजवीर सिंह, बनी सिंह तमंचा लेकर आएं थे और फायरिंग कर दी थी। भाई चन्द्रपाल को गोली मार दी थी। ज्ञान सिंह को भी गोली मार दी थी। एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा लेकर पहुंचे थे। चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया था। मामले में एसओ रहे रामसिया मौर्य ने विवेचना के बाद रामप्रसाद, राजवीर, थान सिंह, बनी सिंह निवासी मनीगढ़ी सकरौली के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल की थी। सोमवार को दोनों पक्ष के वकीलों ने दलील पेश की। दलील सुनने के बाद अपर जिला जज कक्ष संख्या एक नरेन्द्र कुमार सिंह ने आरोपी राजवीर, रामप्रसाद, थान सिंह को दोषी मानते हुए आजीवन करावास की सजा सुनाइ। । शासन की तरफ से पैरवी करते हुए एडीजीसी सर्वेश चौहान, नीलिमा चौहान, प्रदीप गुप्ता ने सख्त से सख्त सजा की मांग की। दस-दस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है