अपंजीकृत क्लीनिक में उपचार से बिगड़ी हालत,एटा के प्राइवेट चिकित्सक ने परीक्षण करने के बाद किया मृत घोषित
बुखार से बच्चा सहित तीन की मौत गलत उपचार पर जमकर हंगामा

एटा/सकीट, । बुखार अब जान लेवा बनता जा रहा है। जिले में अलग-अलग जगहों पर तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई। इसमें सकीट-औछा रोड़ स्थित अपंजीकृत क्लीनिक में गलत उपचार से बुखार रोगी की मौत होने का आरोप लगाया है। मौत होने पर परिजनों ने क्लीनिक पर आधा घंटा तक हंगामा किया। वहीं बुखार से लगातार हो रही मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया।
शनिवार को मोहल्ला उरहैना निवासी राजपाल सिंह ने बताया कि बुखार आने पर 55 वर्षीय भाई राकेश कुमार पुत्र रामकिशन को शुक्रवार को सकीट-औछा मार्ग स्थित अपंजीकृत क्लीनिक में संचालक वीरेन्द्र सिंह के यहां ले गये।
जहां उपचार के बाद बुखार उतरने पर उसको घर ले आए। शनिवार को दोपहर में बुखार तेज होने पर उसको 3.30 बजे पुन अपंजीकृत क्लीनिक में ले गए। जहां पर संचालक वीरेन्द्र सिंह ने बोतल के साथ इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने से राकेश कुमार की हालत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ते देख वीरेन्द्र सिंह ने आधा घंटे बाद ही ऑक्सीजन लगाकर मरीज को एटा के प्राइवेट चिकित्सक के यहां रेफर कर दिया। एटा प्राइवेट क्लीनिक में पहुंचने पर मरीज को चिकित्सक ने परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया। राकेश कुमार की मौत होने के बाद परिजनों में आक्रोश पनप गया। उन्होंने सकीट पहुंचकर अपंजीकृत क्लीनिक पर हंगामा किया। हंगामा की सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।

टीकाकरण के तत्काल बाद दिखता है साइड इफैक्ट

बालरोग चिकित्सक डॉ. एबी सिंह ने बताया कि टीकाकरण से यदि कोई साइड इफैक्ट होता है तो वह टीका लगने के तत्काल बाद ही मालूम पड़ जाता है। टीकाकरण के बाद बुखार आना सामान्य लक्षण है। टीकाकरण से पांच दिन बाद बच्चे की मौत नहीं हो सकती।

क्लीनिक किया सील

अंपीकृत वीरेंद्र सिंह के यहां पर उपचार के दौरान हुई मौत के बाद पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। डा. सर्वेश कुमार ने बताया कि सील करते समय कोई नहीं मिली। मामले की जांच की जा रही है।

मेडिकल कालेज इमरजेंसी पहुंचे बुखार रोगी की मौत

वीरांगना अवंतीबाई लोधी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की इमरजेंसी में शनिवार दोपहर ढाई बजे बुखार रोगी पहुंचा। इसको चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। शनिवार दोपहर में एटा-अलीगंज मार्ग स्थित गांव चांदपुर जिंदाहार निवासी 45 वर्षीय लक्ष्मण सिंह पुत्र रामिखलाड़ी को बुखार आ रहा, जिस पर परिजन उनको मेडिकल कालेज इमरजेंसी लेकर पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने परीक्षण कर उनको मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि दो दिन से मृतक को बुखार आ रहा था।

बुखार पीड़ित बच्चे की मौत, कई दिनों से था बुखार से पीड़ित

बुखार आने के बाद एक वर्षीय बच्चे की शनिवार को मेडिकल कालेज से आगरा ले जाते समय मौत हो गई। बालक को पांच दिन बुखार आ रहा था।ब्लॉक शीतलपुर के गांव भोगपुर निवासी कप्तान सिंह ने बताया कि एक वर्षीय पुत्र विवेक को लेकर एमसीएच विंग स्थित बालरोग ओपीडी में पहुंचे। जहां पर बच्चे का परीक्षण कर बालरोग चिकित्सक डॉ. वैभव गुप्ता ने इमरजेंसी में भर्ती करा दिया था। परिजनों को बताया हालत गंभीर है। आगरा के एसएन मेडिकल कालेज भेज रहे हैं। रेफर करने के दौरान भी बच्चे को ऑक्सीजन लगा दी गई। परिजन जैसे ही बच्चे को आगरा ले जाने के लिए एंबुलेंस में सवार होते ही बच्चेने दम तोड़ दिया।

सकीट में अपंजीकृत क्लीनिक में गलत उपचार से बुखार रोगी की मौत होने के मामले की जांच की जाएगी। अपंजीकृत क्लीनिक संचालक पर कार्रवाई करायेंगे।

डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, सीएमओ, एटा

मृत बच्चे का पांच-छह दिन पूर्व हुआ था टीकाकरण

मृत बच्चे के पिता कप्तान सिंह ने बताया कि पांच-छह दिन पूर्व बच्चे का गांव में टीकाकरण हुआ था। तभी से उसको बुखार आ रहा था। बुखार कम न होने पर उसको शहर के निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। जहां दो-तीन दिन से उसका उपचार चल रहा था। निजी चिकित्सक ने शनिवार 11 बजे हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कालेज भेज दिया।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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