*एटा में ब्राह्मणों की उपेक्षा भारी पड़ेगी आगामी 2024 लोकसभा चुनाव में।, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा -एटा जनपद प्रदेश की राजनीति में ही नही अपितु देश की राजनीति में प्रमुखता से जाना जाता है।परंतु जिस तरह से एटा में ब्राह्मणों की उपेक्षा हो रही है।उससे ब्राह्मण समाज अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।एटा जनपद की राजनीति में भाजपा जिलाध्यक्ष के पद को लेकर काफी गर्मागर्मी चल रही है।वही जनपद में ब्राह्मणों के पास कोई भी पद न होना इस समाज को जो ग्लानि हो रही है, उसका असर कहीं 2024 के चुनाव में दिखा तो भाजपा के लिए काफी मुश्किल होगा।जनपद एटा में पूर्व में ब्राह्मण चेहरा जय प्रकाश पाण्डेय का था,जो दो बार भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे।उसके बाद दिनेश वशिष्ठ भी जिलाध्यक्ष रहे।हालांकि अभी जिलाध्यक्ष पद के लिए ब्राह्मणों में प्रमुख रूप से अलीगंज से जनसंघ के विधायक रहे स्वo सतीश चंद्र शर्मा के भतीजे प्रदेश भाजपा में चर्चित युवा चेहरा अभिषेक गोपाल शर्मा के साथ जिला उपाध्यक्ष अविनाश शर्मा भी इस पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे है…. लेकिन अब ये देखना है कि ऊंट किस करवट बैठता है 2024 में ब्राह्मण की उपेक्षा भी कही भारी न पड़ जाए इस पर भाजपा हाईकमान को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।,अगर भाजपा हाईकमान ने फर्रुखाबाद और एटा में 2024 के लोकसभा चुनाव पर जातिगत आंकड़ों के ध्यान में रखते हुए लोकसभा चुनाव की तैयारी न की तो भाजपा की दुर्दशा के लिए हाईकमान स्वयं जिम्मेदार होगा। विचार देवेंद्र शर्मा देवू।