हाई ड्राफ्ट जिग जैग तकनीक से चलेंगे जनपद के 200 ईंट भट्ठे

हाई ड्राफ्ट जिग जैग तकनीक से चलेंगे जनपद के 200 ईंट भट्ठे

कासगंज। आगामी समय में जनपद के करीब 200 ईंट भट्ठों के संचालन में पुरानी पद्धति हटेगी। हाई ड्राफ्ट जिग जैग तकनीक से ईंट पकने के साथ भट्ठों का संचालन होगा। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़ की ओर से सभी संचालकों को नोटिस जारी कर दिये गये हैं।

नई तकनीक से प्रदूषण में काफी कमी आएगी। ईंटों की गुणवत्ता भी अच्छी रहेगी। यह तकनीकी हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश जारी होने के बाद अपनाई जा रही है। अभी तक जनपद में ईंट भट्ठों का संचालन चली आ रही पुरानी पद्धति से हेाता है। जिससे चिमनी में काला धुआं खूब निकलता है। इससे प्रदूषण फैलता है और पर्यावरण खराब होता है। पर्यावरण में सुधार व प्रदूषण में कमी लाने के लिए एक याचिकाकर्ता ने एनजीटी में अपनी वाद प्रस्तुत किया। जिस पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को हाई ड्राफ्ट जिग जैग तकनीक से ईंट भट्ठों का संचालन के आदेश दिये हैं। इस आदेश के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़ की ओर से कासगंज जिले के भट्ठा संचालकों को इसकी सूचना दी गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी जेपी सिंह ने बुधवार को बताया कि, 200 से अधिक भट्ठा संचालकों को नोटिस जारी किये गये हैं। नोटिस में 22 फरवरी 2024 से ईंट भट्ठा की सरचना में बदलाव करते हुए हाई ड्राफ्ट जिग जैग तकनीक से संचालन करने के लिए दिशा निर्देश दिये गये हैं।

आईआईटी रुड़की की डिजाइन का प्रयोग

कासगंज। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी जेपी सिंह ने यह भी बताया कि, इस तकनीक के इस्तेमाल करने के लिए आईआईटी रुड़की के कंसलटेंट की ओर से तैयार डिजाइन से बदलाव किया जाएगा। जिससे तकनीक प्रयोग करने और समझने में आसानी होगी। इस तकनीक की विस्तार से वह जानकारी भी मुहैया कराएंगे। तकनीक के इस्तेमाल करने के लिए सरकार से भी गजट हो चुका है।

आयताकार होगी भट्ठों की संरचना
प्रदूषण यंत्रण बोर्ड अधिकारी के मुताबिक जिग जैग तकनीक से भट्ठा का मुख्य भाग आयताकार होगा। जो कि अभी तक गोलाई में रहता है। इसके अलावा चिमनी की ऊंचाई में भी कुछ बदलाव होगा। ईंधन के प्रयोग के भी तरीके बताए जाएंगे। जिससे उन्हें आगामी समय में लाभ होगा।

कासगंज के ईंट भट्ठा संचालकों को हाई ड्राफ्ट जिग जैग तकनीक के इस्तेमाल कर संचालन करने के लिए नोटिस जारी कर दिये गये हैं, सभी पर नोटिस पहुंच चुके हैं, अगले साल फरवरी से नई तकनीक से ही ईंट भट्ठों का संचालन हो सकेगा।

-जेपी सिंह, अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अलीगढ़

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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