
अंबेडकरनगर
किसी भी सुसंगठित जिले/नगर की पहचान अच्छी पेयजल सुविधा, गढ्डामुक्त सड़कें, जलनिकासी के लिए नालियां, हरा-भरा वातावरण, बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था, सड़क पर निकलने वालों के लिए नित्य क्रिया से लेकर लघु शंका तक की सुविधा से होती है। जबकि हमारे शहर में जनसुविधा फाइलों में है और जनता के हिस्से में समस्याएं ही समस्याएं हैं। समस्याओं से लोग जूझते हैं और व्यवस्था को कोसते रहते हैं। नलकूप विभाग के उपखंड परिसर में आवश्यक सुविधाओं में शामिल शौचालय-मूत्रालय तक की व्यवस्था ठीक नहीं है। नलकूप विभाग में निर्मित शौचालय में पानी की सप्लाई की व्यवस्था समुचित ढंग से ना होने के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा है नलकूप विभाग में आने जाने वाले ग्रामीणों तथा विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को शौचालय जाने के बारे में एक बार सोचना पड़ता है की शौच से मुक्त होने के बाद पानी की आवश्यकता पड़ती है तो वह पानी की व्यवस्था कहां से करेंगे । जबकि नलकूप विभाग के उच्चाधिकारी भी यहां बैठते हैं परंतु उनकी नजर से एक आम इंसान की मूलभूत सुविधाओं से परे क्यों है। यही नहीं नलकूप विभाग के परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है जोकि जिम्मेदार अधिकारी के ऑफिस के सामने ही नजर आता है। परंतु सफाई को लेकर जिम्मेदार अधिकारी भी बने हुए हैं उदासीन।