वाह री रिश्वतखोर पुलिस
दीवानजी और दरोगाजी सौ सौ रुपये लेते कैमरे में कैद

आम जनता की रक्षा सुरक्षा एवं ड्यूटी फर्ज के प्रति समर्पण रहने की शपथ संकल्प लेकर वर्दी धारण करने बाली पुलिस अगर पगार लेनें के बाद भी रिश्वतखोरी करने लगे तो कानून व्यवस्था की स्थिति कैसी होगी ? इसका आंकलन करना शायद कठिन नहीं ?
बरहाल ये तस्वीरें स्वयं रिश्वतखोरी की तब गवाही देती हैं जब एक गरीब किसान परिवार से रिश्वत में सौ सौ रुपये लेते दीवानजी के साथ दरोगाजी कैमरे में कैद हो गये ।
हालांकि ये मामला कोई नया नहीं हैं, ऐसे तमाम मामले जब तब देखे एवं सुने होंगे, और ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आगे भी देखे सुने जाते रहेंगे ? क्योंकि यहाँ रिश्वतखोरी और रिश्वतखोरों पर शिकंजा करनें के बजाय जाँच होती हैं वो भी बीरबल की खिचड़ी समान, इसी का परिणाम हैं कि इस पर विराम नहीं लग पा रहा हैं …
अब जब जाँच ही होनीं हैं तो स्वयं पहचाने किस जनपद, थाने के ये जनता और कानून के रखबाले हैं ?