जेल में बंद भाई को छुड़ाने के लिए चाचा ने ही मासूम भतीजे की गोली मारकर हत्या

जेल में बंद भाई को छुड़ाने के लिए चाचा ने ही मासूम भतीजे की गोली मारकर हत्या

एटा, । जेल में बंद भाई को छुड़ाने के लिए चाचा ने ही मासूम भतीजे की गोली मारकर हत्या की थी। जांच में सामने आने के बाद आरोपी चाचा को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी ने तमंचा भी बरामद कराया है। दो अन्य साथियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

रविवार को एसएसपी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 13 जुलाई को नीरज निवासी पिपहरा थाना जैथरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 12 जुलाई की रात को गांव के रामबृज सहित पांच लोगों ने मिलकर मासूम भतीजे मयंक (7) की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस ने जांच शुरू की। सबूतों के आधार पर वादी मृतक के चाचा नीरज पर ही पुलिस को शक हुआ। 16 जुलाई को नीरज उर्फ नीरू पुत्र फौजदार सिंह को दरियावगंज तिराहा से पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ के बाद तमंचा व कारतूस भी बरामद कराए हैं।

एसएसपी ने बताया कि नीरज का भाई संजू रामबृज के भाई की हत्या के मामले में जेल में बंद है। उसे जमानत नहीं मिल रही थी। फैसले के लिए रामबृज को 20 लाख देने की भी बात कहीं थी।

रामबृज नहीं मान रहा था। घटना के बाद पूछताछ में घरवालों ने अलग-अलग जाना बताया था। नीरज ने खुद को जीजा मनोज निवासी कल्यानपुर मैनपुरी के यहां होना बताया था। बयानों में विरोधाभास के पास मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए और उन्हें चेक किया। उन्होंने बताया कि नीरज की लोकेशन गांव चंदनपुर, पिपहरा की निकली। जीजा मनोज ने भी घर पर रुकने की बात से इनकार किया था। गांव में पूछताछ से पता चला कि बाइक से घर पर नीरज, काली निवासी पिपहरा, दोस्त हेम सिंह निवासी चंदनपुर पटियाली कासगंज को आते हुए देखा था। हत्या से पहले ट्यूबवेल पर बैठकर साजिश रची थी। जैथरा पुलिस साथी काली, हेम सिंह को तलाश कर रही हैं। हेम सिंह के ट्यूबवेल पर ही आरोपी नीरज सोता था।

50 हजार के इनाम से किया पुलिस टीम को पुरस्कृत

एसएसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के बाद डीआईजी ने पुलिस टीम को 50 हजार का इनाम दिया। घटना के खुलासे में एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा, सीओ अलीगंज सुधांशु शेखर, एसएचओ जैथरा फूल सिंह, इंटेलीजेंस प्रभारी सुनील कुमार सिंह, एसआई विपिन भाटी, सर्विलांस प्रभारी नितिन चौधरी, टीम रही।

शारीरिक और मानसिक रूप से अशक्त था मयंक
एसएसपी ने बताया कि मासूम मयंक शारीरिक व मानसिक रूप से अशक्त था। बोल और सुन नहीं पाता था। भाई को छुड़ाने, वादी पक्ष पर दबाव बनाने के लिए आरोपी चाचा ने घटना को अंजाम दिया। नीरज की भी शादी हो चुकी है। उसके भी बच्चे हैं।

दो दिन पहले मां लिखाने पहुंची थी मुकदमा

घटना से दो दिन पहले नीरज की मां, दोस्त धुमरी चौकी पर फर्जी मुकदमा लिखाने पहुंची थी। मामले में पुलिस कामयाब नहीं हो सकी थी। इसके बाद इस घटना की योजना बनाई गई थी।

घर पर पालतू कुत्ता, नहीं घुस सकता था कोई

एसएसपी ने बताया कि आरोपी के घर में पालतू कुत्ता था। इसके चलते कोई भी घर में नहीं घुस सकता था। ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ता घरवालों को ही पहचानता था और बाहर वालों को अंदर नहीं घुसने देता था। पुलिस पहुंची तो उसे कमरे में बंद कर दिया था।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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