
पीड़ित परिचालक ने थाना मलावन में दर्ज कराई है रिपोर्ट
सिपाही ने परिचालक को बेल्ट से पीटा, रिपोर्ट
एटा, । एक बार फिर से वर्दी का नशा सिर चढ़कर बोला। रोडवेज बस में परिचालक ने सिपाही से टिकट बनवाने का कहा तो सिपाही ने परिचालक को बेल्ट से पीटा और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सवारियों के विरोध, पुलिस बुलाने की कहने पर दोनों चले गए। परिचालक ने शनिवार को एक नामजद, एक अज्ञात के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मैनपुरी थाना एलाऊ के गांव रतनपुर किरकिच निवासी दीपक कुमार ने थाना मलावन में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि कौशांबी डिपो में परिचालक पद पर तैनात है। 13 जुलाई को कौशांबी से मैनपुरी की तरफ जा रहे थे। एआरटीओ कार्यालय से दो युवक बस में चढ़े। एक युवक पुलिस की वर्दी पहने हुआ था और उसने अपना नाम जितेन्द्र यादव बताया। दूसरा व्यक्ति वर्दी में नहीं था। परिचालक ने युवक से टिकट बनवाने को कहा, जो व्यक्ति वर्दी में नहीं था उसने पहले बताया कि वह कौशांबी डिपो में तैनात है। परिचालक ने एआरएम का नाम पूछा तो वह नहीं बता पाया और उसने कार्ड भी दिखाया। इसके साथ चढ़े युवक वर्दी पहने हुए था और नेम-प्लेट पर जितेन्द्र यादव लिखा हुआ था और उसने खुद को पुलिस स्टाफ बताया और आईकार्ड भी दिखाया। परिचालक ने कहा कि टिकट को बनवानी पड़ेगी। आरोप है कि आसपुर पुलिस-सैंथरी पुलिस चौकी के बीच बस को रूकवा लिया। दोनों पीड़ित को गालियां देने लगे। विरोध करने पर वर्दी पहने पुलिसकर्मी ने बेल्ट उतारकर परिचालक की पिटाई कर दी। सवारियों ने विरोध किया। पुलिस को बुलाने को कहा गया। दोनों ही आरोपी चले गए।
डायल-112 पर कॉल की, नहीं मिला नंबर
एटा। परिचालक ने बताया कि घटना के बाद डायल-112 पर कॉल की। कॉल नहीं लगी। दोनों आरोपी भाग गए। पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पहले भी परिचालक से पुलिसकर्मी ने बदतमीजी की थी
एटा। बता दें कि कुछ माह पहले भी पुलिसकर्मी ने परिचालक से बदतमीजी थी, जिसका वीडियो सवारी बना लिया था और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद दोनों सिपाहियों पर कार्रवाई की गई थी।
परिचालक की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। परिचालक ने बताया वह वर्दी पहने हुए था। वर्दी में कौन से विभाग का है यह नहीं पता। जितेन्द्र यादव, साथी के नाम रिपोर्ट दर्ज कराई है। इस नाम का कोई सिपाही थाना में तैनात नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।
देवेन्द्र नाथ मिश्र, एसएचओ मलावन एटा