
एटा ! आज रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिहं ने पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि विगत 13.07.2023 को वादी नीरज कुमार पुत्र फौजदार सिंह निवासी पिपहरा थाना जैथरा द्वारा थाना जैथरा पर इस आशय की सूचना दी गयी कि रात्रि में रामवृज पुत्र ग्रीश चन्द्र, विवेक पुत्र अतेन्द्र, बबलू व विमलेश द्वारा उनके भतीजे मयंक पुत्र रिंकू उम्र करीब सात वर्ष की गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। इस सूचना पर थाना जैथरा पर मुअसं- 229/2023 धारा 147, 148, 149, 302, 120-बी, 34 भादवि0 बनाम रामवृज आदि 04 अभियुक्त पंजीकृत किया गया।
उक्त सन्दर्भ मे आज रविवार को थाना जैथरा के प्रभारी निरीक्षक फूल सिहं द्वारा मुखबिर की सूचना पर उपरोक्त अभियोग में प्रकाश में आए अभियुक्त नीरज कुमार उर्फ नीरु पुत्र फौजदार सिंह को दरियाबगंज तिराहे के पास से समय करीब 07.20 बजे घटना में प्रयुक्त एक मोटर साइकिल सहित गिरफ्तार किया गया है, साथ ही अभियुक्त की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल तमंचा, चार जिंदा व एक खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। माल बरामदगी के आधार पर मुकद्दमा उपरोक्त में धारा 3/25/27 आम्र्स एक्ट की बढोत्तरी करते हुए गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध थानास्तर से आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करते हुऐ जेल भेजा जा रहा है तथा प्रकाश में आए दो अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर थानास्तर से सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य बिन्दु-
- मुकदमा उपरोक्त के वादी/अभियुक्त नीरज कुमार के भाई संजू उर्फ सुर्वेन्द्र ने मुकदमा उपरोक्त में नामित आरोपी रामवृज उर्फ टैपू पुत्र ग्रीशचन्द्र के भाई ओमवीर की सितंबर 2022 में गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके संबंध में तत्समय थाना जैथरा पर मुअसं0 333/2022 धारा 452, 302, 34 भादवि0 बनाम 1. संजू 2. नीरज उर्फ नीरु 3. रिंकू पुत्रगण फौजदार 4. चैब सिंह पुत्र प्रकाश निवासीगण ग्राम पिपहरा थाना जैथरा एटा पंजीकृत किया गया था।
- उस मुकदमें में काफी प्रयास के बाद भी संजू को जमानत नहीं मिली तथा मुकदमें में फैसला करने के लिये वादीपक्ष को 20 लाख रूपये की पेशकश भी की गयी थी, लेकिन वादी रामवृज उर्फ टैपू नहीं माना।
- दिनांक 12/13.07.2023 की घटना के बाद मृतक मयंक की दादी, मृतक की माँ तथा बुआओं ने नीरू उर्फ नीरज को अलग-अलग जगह जाना बताया तथा नीरज ने स्वयं का 15 दिन से अपने जीजा मनोज पुत्र रमेशचन्द्र निवासी कल्यानपुर थाना कुरावली जनपद मैनपुरी के यहां रहना बताया व घटना के बाद सुबह 3.00 बजे सूचना मिलने पर सुबह 7.00 बजे मनोज के साथ ग्राम पिपहरा आना बताया था, परिजनों तथा नीरज के बयानों में विरोधाभास था।
- जिसके बाद इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस के माध्यम से नीरज का लोकेशन ग्राम चन्दनपुरा तथा स्वयं के गांव पिपहरा का ही निकला।
- मनोज ने नीरज को अपने यहां रुकने से मना किया तथा बताया कि नीरज के छोटे भाई रिंकू का फोन आया था कि पुलिस पूछे तो यह बता देना कि नीरज उर्फ नीरू आपके यहां ही था और आपके साथ ही आया है।
- नीरज की माँ रामवती नीरज उर्फ नीरू के दोस्त हेमसिंह पुत्र बैजनाथ निवासी चन्दनपुरा थाना पटियाली जनपद कासगंज के साथ चैकी धुमरी पर घटना से दो दिन पूर्व मुअसं0 333/2022 धारा 452, 302, 34 भादवि0 के वादी पक्ष के विरुद्ध फर्जी मुकदमा लिखाने के लिये पहुंची थी, लेकिन सफल नहीं हो पायी।
- नीरज के पास काफी बड़ा पालतू कुत्ता था, जिसके बारे में गांव के लोगों ने भी बताया कि उसके परिजनों के अलावा अन्य कोई व्यक्ति उसके घर पर प्रवेश नहीं कर सकता, घटना के समय कुत्ता घर पर मौजूद बताया गया लेकिन घटना के बाद जब पुलिस पहुंची तो बताया गया कि कुत्ता घटना के समय गांव के अन्दर चला गया था जब पुलिस पहुंची तो नाटक के तौर पर कुत्ता घर के अन्दर बन्द पाया गया। इससे पुलिस को शक हुआ कि घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति घर का ही कोई सदस्य है।
- नीरज की घटना के समय व उसके आसपास की प्रतिक्रियाएं संदिग्ध थीं।
- घटना करने के बाद गांव के लोगों द्वारा मोटरसाइकिल न0 यूपी 82 एई 1815 हीरो सुपर स्पलेंडर से प्रकाश में आये अभियुक्तों 1. नीरज कुमार उर्फ नीरू पुत्र स्व0 श्री फौजदार निवासी ग्राम पिपहरा थाना जैथरा जनपद एटा 2. काली पुत्र चरन सिंह निवासीगण पिपहरा थाना जैथरा जनपद एटा 3. हेमसिंह पुत्र बैजनाथ निवासी चन्दनपुरा थाना पटियाली जनपद कासगंज को जाते हुये देखा गया था।
- नीरज उर्फ नीरू अपने साथी हेमसिंह पुत्र बैजनाथ निवासी चन्दनपुरा थाना पटियाली जनपद कासगंज के ट्यूवैल पर सोता था, जो घटनास्थल से करीब 03 किलोमीटर दूर है, तथा घटना वाले दिन नीरज उर्फ नीरू व हेमसिंह पुत्र बैजनाथ निवासी चन्दनपुरा थाना पटियाली जनपद कासगंज व काली पुत्र चरन सिंह निवासी पिपहरा थाना जैथरा जनपद एटा के द्वारा हेमसिंह के ट्यूवैल पर ही मृतक मयंक की हत्या की साजिश रची गयी थी।
- मृतक मयंक शारीरिक एवं मानसिक रुप से अशक्त एवं गूंगा बहरा था, जिस कारण नीरज ने मयंक की हत्या करके विपक्षीगणों पर झूठा मुकदमा लिखाकर पूर्व के मुकदमें में फैसले का दबाब बनाने के लिए यह साजिश रची थी।
- पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने पर नीरज कुमार उर्फ नीरू द्वारा पूरी घटना को अंजाम देना स्वीकार किया गया तथा अपनी निशादेही पर घटना में प्रयुक्त आलाकत्ल तमंचा व कारतूस बरामद कराए गये।
प्रकाश में आए अभियुक्तों का नामपता –
- काली पुत्र चरन सिंह निवासी ग्राम पिपहरा थाना जैथरा जनपद एटा
- हेमसिंह पुत्र बैजनाथ निवासी ग्राम चन्दनपुरा थाना पटियाली जनपद कासगंज
घटना के सफल अनावरण किए जाने पर पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र, अलीगढ़ द्वारा पुलिस टीम के उत्साहवर्धन हेतु 50,000 रुपए के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।