
ग्रामीण कौशल योजना की ट्रेनिंग लेने जाना पड़ रहा इटावा
एटा, । केंद्र सरकार की पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना का एटा में प्रशिक्षण केंद्र नहीं है। जिले के युवाओं को इटावा, आगरा और नोएडा जाना पढ़ता। केंद्र ना होने के कारण लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। प्रशिक्षण का समय तीन और छह माह का अलग-अलग होता है।
शुक्रवार को जिला कौशल विकास मिशन मैनेजर विकास बंसला ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2022-23 में पंडित दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत जिले को तीन वर्ष के लिए कुल 1691 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों का प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य प्राप्त हुआ था। इसमें से 451 युवाओं को हेल्थ केयर, इलेक्ट्रॉनिक, रिटेल एसोसिएट आदि ट्रेडों का आगरा, नोएडा एवं इटावा के प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुल 66 युवाओं को विभिन्न सेक्टरों में प्लेसमेंट के आधार पर रोजगार के अवसर मुहैया कराए जा चुके हैं। शेष 1174 युवाओं को प्रशिक्षण दिलाए जाने की योजना बनाई जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से संचालित कौशल विकास योजना का प्रशिक्षण केंद्र जिले नहीं है।
133 युवाओं को मिला कौशल विकास के तहत रोजगार
एटा। जिला कौशल विकास मैनेजर ने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में जिले को कुल 2479 युवाओं को हेल्थ केयर, हैंडीक्रॉफ्ट, आईटी, इलेक्टॉनिक एवं सैंपलिंग टेलर आदि ट्रेडों के तहत प्रशिक्षण दिलाने का लक्ष्य मिला। इसमें से 1379 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों के प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 1379 युवाओं में से कुल 210 युवाओं का मूल्यांकन कार्य प्रदेश स्तर से हो सका, जिसमें से कुल 133 युवाओं को प्लेसमेंट के आधार पर विभिन्न सेक्टरों की कंपनियों में जॉब के ऑफर मिल चुके हैं। वहीं 1100 युवाओं को विभिन्न ट्रेडों के तहत न्यूनतम तीन एवं अधिकतम छह माह का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण ले चुके युवाओं का मूल्यांकन कार्य पूर्ण होते ही अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को रोजागर के के अवसर कंपनियों के माध्यम से दिलाए जाएंगे।