अभी 200 हैंडपंप के पानी की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार
3404 हैंडपंपों की जांच में 57 का पानी प्रदूषित

कासगंज, । जनपद में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए दूषित हैंडपपों के पानी की जांच होगी। जल निगम द्वारा अभी तक 3404 हैंडपंप के पानी की जांच की तो उसमें से 57 का पानी प्रदूषित मिला है। इन हैंडपंप से निकलने वाले पानी में आयरन व गंदगी की मात्रा अधिक पाई गई। 200 से अधिक पानी के सैंपल की जांच जल निगम को प्रयोगशाला से अभी नहीं मिली है।
रविवार को जल निगम के अधिसासी अभियंता डीके सिंह ने बताया कि जिले में दूषित जल देने वाले हैंडपंप का सर्वे कर उन्हें चिह्नित किया जा रहा है। गत वर्ष 3404 हैंडपंप के पानी की जांच की गई थी। इसमें से 57 हैंडपंप का पानी दूषित था। हैंडपंप के पानी में आयरन की मात्रा काफी अधिक थी। हैंडपंप से निकल रहा पानी गंदा था। इसकी वजह से इस पानी को पीने से लोग बीमार पड़ सकते हैं। ऐसे में इन सभी 57 हैंडपंप को रीबोर कराकर सही कराया गया है। ताकि लोगों को पानी पीने से बीमारियों न फैले। इस वर्ष अभी तक 200 हैंडपंप से पानी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। प्रयोगशला से पानी की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
गांवों में 1400 हैंडपंप कराए जाएंगे रीबोर
जनपद में लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 1400 से अधिक हैंडपंप रीबोर कराए जाएंगे। डीपीआरओ देवेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े व जल निगम द्वारा पानी की जांच में दूषित पाए जाने वाले हैंडपंप को रीबोर कराया जाएगा। इस वर्ष 1400 हैंडपंप रीबोर कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा गांव में दूषित पानी देने वाले हैंडपंप को भी चिह्नित कर उसमें लाल निशान लगाए जाएंगे।
हैंडपंपों के पानी को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा
डीएम हर्षिता माथुर ने दूषित पानी वाले हैंडपंप के सर्वे के आदेश दिए हैं। इसके बाद नगर निकाय व जिला पंचायत राज विभाग दूषित पानी देने वाले हैंडपंप का सर्वे कराने में जुटा है। जल निगम द्वारा दूषित पानी दे रहे हैंडपंप के पानी को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।