*सात में से चार अमृत सरोवर सूखे, प्रशासन बेखबर, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा,मारहरा, । ब्लॉक मारहरा क्षेत्र में सात तालाबों को अमृत सरोवर में बदलाव किया गया। बारिश जल संयचन योजना धरातल पर बड़ा रूप ले सके। पशु-पक्षियों की प्यास बुझाने के साथ गांवों के जलस्तर में सुधार हो सके। ग्राम प्रधान और प्रशासन की बेरुखी से यह अमृत सरोवर सूखे पड़े हैं।
मारहरा के अमृत सरोवरों की पड़ताल में अवैध कब्जा एवं सफाई कार्य न कराने की बात सामने आई है। पंचायतों में तालाबों को अमृत सरोवर का नाम मिलने पर वाहवाही लूटने वाले ग्राम प्रधानों ने दो वर्ष पूर्व सफाई कार्य कराकर इतिश्री कर ली। इस कारण अमृत सरोवरों में झाड़ियां उग चुकी हैं। मिरहची स्थित तालाब पर पूर्ण रूप से अवैध कब्जा हो चुका है। जबकि पिदौरा के तालाब की सफाई तक नहीं कराई गई है। इसी तरह मोहनसती गांव में तालाब खतौनी अभिलेखों में दिखाई पड़ रहा है। मौके पर बस्ती नजर आ रही है। पंचायतों में बने अमृत सरोवरों में पानी गिराने की सुविधा किसी पंचायत पर नहीं दिखाई दे रही है। बजट में सफाई से लेकर पानी भरने तक का प्रावधान शासन की ओर दिया गया है। एक ओर राज्य सरकार तालाबों के जीर्णोद्वार एवं सौंदर्यीकरण पर भरपूर जोर दे रही है।
पशु-पक्षी प्यास से हो रहे व्याकुल हर समय पानी रहने वाले अमृत सरोवरों में पानी न होने से पशु-पक्षी प्यास बुझाने के लिए व्याकुल हो रहे हैं। प्रशासन की घोर लापरवाही से अमृत सरोबर योजना में जल संयचन पर ग्रहण लग रहा है। चार अमृत सरोवर सूखे पडे हैं। बाकी तालाबों पर सफाई कार्य तक नहीं कराया गया है।
नौजरपुर के तालाब में बन गईं झांड़ियां ग्राम पंचायत नौजरपुर के गांव समोखर में तालाब पिछले दो वर्षों से सफाई कार्य न होने के कारण किनारों पर झाड़ियां उग आई हैं। बरसात के मौसम में ही इस तालाब में पानी भरता है। बाकी दिनों में सूखा रहता है